दिल्ली (ब्यूरो)। चुनाव आयोग से मोर्चा लेकर फंस गए कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को बचाने में सरकार और खुद पीएम लग गए हैं लेकिन कोशिश की जा रही है कि इसके साथ चुनाव आयोग की मर्यादा बनी रहे। क्योंकि सलमान मुस्लिम आरक्षण के मामले को इस मुकाम तक ले कर पहुंच गए हैं जहां पीछे लौटना बहुत मुश्किल लग रहा है। चुनाव आयोग अगर कार्रवाई नहीं करता है तो उसकी भद्द पिट जाएगी। इन दोनों का सम्मान बचाने की कोशिश शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुट गया है। ताकि खुर्शीद की कुर्सी भी सुरक्षित रहे और आयोग की शिकायत भी दूर हो जाएं। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस विवाद को सुलझाने के लिए कई उपायों पर विचार कर रहे हैं। इस प्रकरण को लेकर कानून मंत्री को माफी मांगने के लिए भी कहा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस मसले पर कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत की है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इस मसले पर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेना नहीं चाहते हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस मसले पर सोमवार को अपने वरिष्ठ सहयोगी वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रक्षा मंत्री एके एंटनी से बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद ही सोमवार या मंगलवार को इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय इस मसले पर बीच का रास्ता निकालने पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस समय खुर्शीद के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करना नहीं चाहती। साथ ही चुनाव आयोग की शिकायत पर भी गौर करना उसकी मजबूरी है। इन्हीं सब बातों के मद्देनजर कानून मंत्री को चुनाव आयोग से माफी मांगने के लिए कहा जा सकता है। बताया जा रहा है कि खुर्शीद चुनाव आयोग के प्रति आस्था जताते हुए इस संबंध में माफी मांग सकते हैं। इस तरह से सरकार मामले को सुलझाकर संकट से निपटने की रणनीति बना रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुट गया है। ताकि खुर्शीद की कुर्सी भी सुरक्षित रहे और आयोग की शिकायत भी दूर हो जाएं। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस विवाद को सुलझाने के लिए कई उपायों पर विचार कर रहे हैं। इस प्रकरण को लेकर कानून मंत्री को माफी मांगने के लिए भी कहा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस मसले पर कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत की है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इस मसले पर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेना नहीं चाहते हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस मसले पर सोमवार को अपने वरिष्ठ सहयोगी वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रक्षा मंत्री एके एंटनी से बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद ही सोमवार या मंगलवार को इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय इस मसले पर बीच का रास्ता निकालने पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस समय खुर्शीद के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करना नहीं चाहती। साथ ही चुनाव आयोग की शिकायत पर भी गौर करना उसकी मजबूरी है। इन्हीं सब बातों के मद्देनजर कानून मंत्री को चुनाव आयोग से माफी मांगने के लिए कहा जा सकता है। बताया जा रहा है कि खुर्शीद चुनाव आयोग के प्रति आस्था जताते हुए इस संबंध में माफी मांग सकते हैं। इस तरह से सरकार मामले को सुलझाकर संकट से निपटने की रणनीति बना रही है।














