
गुडग़ांव। बैंगलुरू के डॉक्टर को बंगलूर और होडल थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद रविवार शाम को शोलाका गांव के जंगल से मुक्त करा लिया। बताया जा रहा है कि विशेष आग्रह पर जिस मरीज ने अपने पिता का इलाज करने के लिए बैंगलुरू से पलवल उस डॉक्टर को बुलाया था अपहरणकर्ताओं में वह भी शामिल था।
तीन अपहर्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गए पर एक फरार हो गया। 30 वर्षीय डॉक्टर शंकर बैंगलुरू में शंकरा नर्सिग होम चलाते हैं। 19 जनवरी, 2012 को बरसाना के निकट हाथिया गांव में रहने वाला इमरान उर्फ इरशाद किसी असाध्य बीमारी के इलाज के लिए शंकरा नर्सिग होम गया था। वहां इलाज के दौरान उसने डॉक्टर शंकर को बताया कि उसके पिता को भी यही बीमारी है।
यदि डॉक्टर उसके पिता को उसके गांव चलकर देख लें, तो उसके आने-जाने का सारा खर्चा और मुंह मांगी फीस भी दी जाएगी। इरशाद की बातों में आकर डॉक्टर शंकर ने 10 फरवरी की तिथि तय कर ली। डॉक्टर शंकर 10 फरवरी की शाम बेंगलूर से हवाई यात्रा करके दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इरशाद कार में डॉक्टर को शोलाका गांव के जंगल में ले गया और वहां अपने चार अन्य साथियों को बुलवा लिया। इन लोगों ने डॉक्टर को बंधक बना कर कार में ही पटक दिया और डॉक्टर के परिजनों को फोन करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
तीन अपहर्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गए पर एक फरार हो गया। 30 वर्षीय डॉक्टर शंकर बैंगलुरू में शंकरा नर्सिग होम चलाते हैं। 19 जनवरी, 2012 को बरसाना के निकट हाथिया गांव में रहने वाला इमरान उर्फ इरशाद किसी असाध्य बीमारी के इलाज के लिए शंकरा नर्सिग होम गया था। वहां इलाज के दौरान उसने डॉक्टर शंकर को बताया कि उसके पिता को भी यही बीमारी है।
यदि डॉक्टर उसके पिता को उसके गांव चलकर देख लें, तो उसके आने-जाने का सारा खर्चा और मुंह मांगी फीस भी दी जाएगी। इरशाद की बातों में आकर डॉक्टर शंकर ने 10 फरवरी की तिथि तय कर ली। डॉक्टर शंकर 10 फरवरी की शाम बेंगलूर से हवाई यात्रा करके दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इरशाद कार में डॉक्टर को शोलाका गांव के जंगल में ले गया और वहां अपने चार अन्य साथियों को बुलवा लिया। इन लोगों ने डॉक्टर को बंधक बना कर कार में ही पटक दिया और डॉक्टर के परिजनों को फोन करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी।













