
दिल्ली (ब्यूरो)। 15 फरवरी को दिल्ली कुछ वक्त के लिए थम सी जाएगी। उस दिन तेज भूंकप से कैसे निबटा जाए इसकी मॉक ड्रिल होगी। आम जनता खौफ में न आए इसकी तैयारी कर ली गई है । सोमवार से मोबाइल पर मैसेज करके मेगा मॉक ड्रिल में शामिल होने की सूचना भेजी जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के मॉक ड्रिल में 15 फरवरी को दिल्ली कुछ समय के लिए थम सी जाएगी।
दिल्ली में तेज भूकंप के कारण मेट्रो ट्रैक टूटने और पिलर्स के क्रेक आने की सूचना, रेलगाड़ी के पटरी से उतरने और कुछ जगह मकान गिरने की सूचना से निपटने में विभाग एकसाथ जुट जाएंगे। पब्लिक को 11.30 बजे अचानक असजह महसूस न हो इसलिए दो दिन से मोबाइल पर मैसेज करके मेगा मॉक ड्रिल में शामिल होने की सूचना भेजी जा रही है।
डीडीएमए ने लोगों से आपदा से जुड़े इस मॉक ड्रिल में शामिल होने का आग्रह किया है। डीडीएमए अधिकारियों के अनुसार भारत में अपनी किस्म का पहला आयोजन है। सिविल डिफेंस, एनसीसी, अस्पताल, एमसीडी, पुलिस समेत तमाम एजेंसियां ड्रिल में शामिल होंगी। एकसाथ 20-25 जगह हादसे की सूचना आएगी जिससे निपटने की तैयारी का प्रदर्शन संबंधित एजेंसियों का करना है। अगर ऐसा हादसा होता है तो कैसे जान-माल की रक्षा हो, इसकी तैयारी काफी समय से चल रही है।
मेगा मॉक ड्रिल जब 15 फरवरी को 11.30 बजे होगी तो पब्लिक को भी उसमें शामिल होना है। दैनिक 20 लाख यात्रियों को सफर कराने वाली मेट्रोरेल, ट्रैफिक पुलिस, डीटीसी, मॉल को इसमें शामिल किया गया है। सूचना में भूकंप के कारण मेट्रोरेल ट्रैक टूटने या पिलर में दरार की सूचना मिलेगी तो तुरंत प्रशासन को मेट्रो स्टेशन खाली कराने और मरम्मत करके ओके करना होगा। इसी तरह से पेट्रोल पम्प पर लीकेज के बाद आग, मॉल में लोगों के फंसने, रेलगाड़ी के पटरी से उतर जाने की सूचनाएं आएंगी। इसमें यात्रियों को तुरंत हटाया जाएगा। इतना ही नहीं भूकंप के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो गया है इसके लिए ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। बसों का संचालन दूसरे रूट से होगा।
डीडीएमए के सचिव व राजस्व सचिव विजय देव कहते हैं कि मॉक ड्रिल में नेचुरल कंडिशन क्रिएट करने की कोशिश होगी। भूकंप के समय पब्लिक को यह समझना होगा कि एम्बुलेंस, दमकल व बचाव वाहन को रास्ता दें, अगर तेज गति से वाहन चला रहे हैं तो स्पीड धीमी कर लें। सभी विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। मेट्रोरेल भी रुकेगी। चार-पांच स्टेशन को शामिल किया गया है।
दिल्ली में तेज भूकंप के कारण मेट्रो ट्रैक टूटने और पिलर्स के क्रेक आने की सूचना, रेलगाड़ी के पटरी से उतरने और कुछ जगह मकान गिरने की सूचना से निपटने में विभाग एकसाथ जुट जाएंगे। पब्लिक को 11.30 बजे अचानक असजह महसूस न हो इसलिए दो दिन से मोबाइल पर मैसेज करके मेगा मॉक ड्रिल में शामिल होने की सूचना भेजी जा रही है।
डीडीएमए ने लोगों से आपदा से जुड़े इस मॉक ड्रिल में शामिल होने का आग्रह किया है। डीडीएमए अधिकारियों के अनुसार भारत में अपनी किस्म का पहला आयोजन है। सिविल डिफेंस, एनसीसी, अस्पताल, एमसीडी, पुलिस समेत तमाम एजेंसियां ड्रिल में शामिल होंगी। एकसाथ 20-25 जगह हादसे की सूचना आएगी जिससे निपटने की तैयारी का प्रदर्शन संबंधित एजेंसियों का करना है। अगर ऐसा हादसा होता है तो कैसे जान-माल की रक्षा हो, इसकी तैयारी काफी समय से चल रही है।
मेगा मॉक ड्रिल जब 15 फरवरी को 11.30 बजे होगी तो पब्लिक को भी उसमें शामिल होना है। दैनिक 20 लाख यात्रियों को सफर कराने वाली मेट्रोरेल, ट्रैफिक पुलिस, डीटीसी, मॉल को इसमें शामिल किया गया है। सूचना में भूकंप के कारण मेट्रोरेल ट्रैक टूटने या पिलर में दरार की सूचना मिलेगी तो तुरंत प्रशासन को मेट्रो स्टेशन खाली कराने और मरम्मत करके ओके करना होगा। इसी तरह से पेट्रोल पम्प पर लीकेज के बाद आग, मॉल में लोगों के फंसने, रेलगाड़ी के पटरी से उतर जाने की सूचनाएं आएंगी। इसमें यात्रियों को तुरंत हटाया जाएगा। इतना ही नहीं भूकंप के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो गया है इसके लिए ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। बसों का संचालन दूसरे रूट से होगा।
डीडीएमए के सचिव व राजस्व सचिव विजय देव कहते हैं कि मॉक ड्रिल में नेचुरल कंडिशन क्रिएट करने की कोशिश होगी। भूकंप के समय पब्लिक को यह समझना होगा कि एम्बुलेंस, दमकल व बचाव वाहन को रास्ता दें, अगर तेज गति से वाहन चला रहे हैं तो स्पीड धीमी कर लें। सभी विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। मेट्रोरेल भी रुकेगी। चार-पांच स्टेशन को शामिल किया गया है।













