
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में लगभग तीन हफ्ते से जिंदगी और मौत से लड़ रही, दो वर्षीय मासूम फलक के सांस लेने में दिक्कत के कारण अभी भी वेंटिलेटर पर ही है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत इस समय नाजुक बनी हुई है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में न्यूरोसर्जरी के असिस्टेंट प्रफेसर दीपक अग्रवाल ने बताया कि उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा। उसके दिमाग में अभी तक इन्फेक्शन है।'
डाक्टरों ने कहा कि बच्ची की हालत में सुधार के संकेत दिखने के कारण शुक्रवार को उसका वेंटिलेटर पर से हटा दिया गया था, लेकिन रात में गंभीर होने पर फलक को फिर वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। तीन हफ्ते पहले फलक को एक युवती के द्वारा एम्स लाया गया था। उस वक्त फलक के शरीर में काटने-नकोटने और और सिर की हड्डी टूटी हुई थी।
खुद को फलक की मां बताने वाली नाबालिग युवती अब बाल सुधार गृह में है। मासूम बच्ची पर अत्याचार के मामले में अब तक मुख्य आरोपी राजकुमार संग नौ लोग हिरासत में लिये जा चुके है। बच्ची का इलाज कर रहे डाक्टरों ने कहा कि उसके सीने और खून में इन्फेक्शन कम हो गया है। फलक के अबतक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं। अग्रवाल ने कहा फलक की हालत अब भी लगातार नाजुक बनी हुई है।
डाक्टरों ने कहा कि बच्ची की हालत में सुधार के संकेत दिखने के कारण शुक्रवार को उसका वेंटिलेटर पर से हटा दिया गया था, लेकिन रात में गंभीर होने पर फलक को फिर वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। तीन हफ्ते पहले फलक को एक युवती के द्वारा एम्स लाया गया था। उस वक्त फलक के शरीर में काटने-नकोटने और और सिर की हड्डी टूटी हुई थी।
खुद को फलक की मां बताने वाली नाबालिग युवती अब बाल सुधार गृह में है। मासूम बच्ची पर अत्याचार के मामले में अब तक मुख्य आरोपी राजकुमार संग नौ लोग हिरासत में लिये जा चुके है। बच्ची का इलाज कर रहे डाक्टरों ने कहा कि उसके सीने और खून में इन्फेक्शन कम हो गया है। फलक के अबतक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं। अग्रवाल ने कहा फलक की हालत अब भी लगातार नाजुक बनी हुई है।













