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कानून तोड़ने वाले कानून मंत्री की यूपी में नो एंट्री की मांग

रविवार, फरवरी 12, 2012,19:54 [IST]
Salman Khursheed
लखनऊ। मुस्लिमों को नौ प्रतिशत आरक्षण की वकालत करने के बाद केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को लेकर विवाद गहराया गया है। निर्वाचन आयोग ने जिसे आचार संहिता का उल्लघंन मानते हुए जहां राष्‍ट्रपति से शिकायत की है वहीं विपक्षी दलों ने खुर्शीद के यूपी आने पर रोक की मांग की है।

केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने यूपी में चुनावी जनसभा के दौरान मुसलमानों का 9 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा करते हुए हुए कहा कि वह अपना वादा पूरा करेंगे चाहे आयोग उन्हें इसके लिए फांसी पर ही क्यूं न चढ़ा दे। कानून मंत्री ने पिछले शुक्रवार को फर्रुखाबाद में यह बयान दिया था। जहां से उनकी पत्नी लुइस खुर्शीद चुनाव लड़ रही हैं और जहां कठिन तिकोना मुकाबला है।

निर्वाचन आयोग ने इसे चुनाव आचार संहिता करार देते हुए राष्ट्रपति से शिकायत की है, इससे इस संवैधानिक संस्था की स्वायत्ता पर बहस छिड़ गयी है। विपक्ष ने केन्द्रीय कानून मंत्री से तत्काल इस्तीफा मांगा है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा है कि वह सलमान खुर्शीद को उत्तर प्रदेश में आने से रोकें।

राजनीतिज्ञों के बीच इस बात पर भी बहस है कि क्या कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति निर्वाचन आयोग को इस तरह कार्रवाई के लिये बाध्य कर सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश के चुनावी इतिहास में यह पहला मौका है जब निर्वाचन आयोग को आचार संहिता के उल्लघंन के मामले में किसी नेता को रोकने के लिये राष्ट्रपति के पास गुहार लगानी पड़ी हो।

भाजपा और जनतादल (यू) ने श्री खुर्शीद को तत्काल बर्खास्त करने और उन्हें यूपी में नहीं आने देने की मांग प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से की है। वहीं श्री खुर्शीद इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। श्री खुर्शीद की ओर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आबिद हुसैन ने कहा कि मामला अब चूकि राष्ट्रपति और निर्वाचन आयोग के बीच है इसलिये कानून मंत्री कोई टिप्पणी करना नहीं चाहते।

वहीं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने श्री खुर्शीद के खिलाफ निर्वाचन आयोग की आेर से मिले शिकायती पत्र को प्रधानमंत्री के सचिवालय भेज दिया था। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्रपति से इस मामले में तुरन्त हस्तक्षेप करने की अपील की है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि श्री खुर्शीद अपने बयान पर देश की जनता से माफी मांगे। प्रधानमंत्री श्री खुर्शीद को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें कयोंकि श्री खुर्शीद ने आचार संहिता का उल्लघंंन गलती से नहींबल्कि जानबूझ कर किया है। जनतादल यू के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह केन्द्रीय कानून मंत्री को तुरन्त बर्खास्त करें और उनके यूपी में प्रवेश पर रोक लगायें।

जानबूझकर किये गये इस अपराध के लिये माफी जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए। केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और मानव संसाधन विकास मंत्री
कपिल सिब्बल श्री खुर्शीद के बचाव में आगे आये। श्री वर्मा ने कहा कि श्री खुर्शीद जि मेवार व्यक्ति हैं। वह कोई भी ऐसी बात नहीं कह सकते जिससे कांग्रेस पार्टी और सरकार के लिये परेशानी खड़ी हो।
English summary
Election Commission writes President Pratibha Devi Singh Patil and demand to prohibit his entry in Uttar Pradesh.
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