
लंदन। जो इंसान खुद हमेशा आतंक को बढ़ावा देता रहा हो वह भी नहीं चाहता था कि उसकी आने वाली पीढ़ी आतंक के इस दलदल में कूदे। जी हां हम बात कर रहे हैं पिछले साल 2 मई को मारे गए खूंखार आतंकी अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के बारे में। जो चाहता था कि उसकी आने वाली पीढ़ी पश्चिमी देशों में जाकर अच्छी तालीम हासिल करें और अच्छी जिंदगी जिएं।
यह खुलासा ओसामा बिन लादेन के साले ने किया है। जिसका कहना है कि ओसामा हमेश अपने बच्चों से शांति के साथ जीने और अच्छी तरह खाने-पीने से कहता था। जकारिया अल-सादाह जो कि ओसामा बिन लादेन की पांचवीं बीवी का भाई है ने कहा कि अलकायदा चीफ नहीं चाहता था कि उनके बच्चे या उनके बच्चे भी उसके नक्शे-कदम पर चलते हुए आतंकी बनें।
अल-सादाह इस समय लंदन में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि वह अपने बच्चों से कहता था कि यूरोप और अमेरिका में जाकर अच्छी पढ़ाई करो। ओसामा बिन लादेन के जो बच्चे उसके साथ एबटाबाद में पाए गए थे वे लगभग 9 महीने तक जेल में रहे थे। इस हमले के दौरान ओसामा बिन लादेन की एक 12 वर्षीय बेटी साफिया घायल भी हो गई थी।
अल-सादाह का कहना है कि उसे लगता था कि उसकी बहन को भी इस मामले में सजा हो सकती है। ओसामा बिन लादेन का परिवार काफी समय तक पाकिस्तान में रहा था। पाकिस्तानी अधिकारी ओसामा बिन लादेन पर यह आरोप लगा रहे थे कि वे उसके बारे में कई अहम जानकारियां छुपा रहे हैं। ओसामा बिन लादेन ने इसके विरोध में भूख हड़ताल भी की थी।
उसने बताया कि ओसामा के बच्चों ने अपनी आखों के सामने अपने पिता की हत्या होते देखी है। ऐसे में इन बच्चों को यह जरूरत है कि कोई उनका ख्याल रखा जाए। अगर उन्हें जेल में रखा जाएगा तो इसका बुरा असर होगा। अपने पिता की गलती को वो नहीं चुका सकते।
यह खुलासा ओसामा बिन लादेन के साले ने किया है। जिसका कहना है कि ओसामा हमेश अपने बच्चों से शांति के साथ जीने और अच्छी तरह खाने-पीने से कहता था। जकारिया अल-सादाह जो कि ओसामा बिन लादेन की पांचवीं बीवी का भाई है ने कहा कि अलकायदा चीफ नहीं चाहता था कि उनके बच्चे या उनके बच्चे भी उसके नक्शे-कदम पर चलते हुए आतंकी बनें।
अल-सादाह इस समय लंदन में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि वह अपने बच्चों से कहता था कि यूरोप और अमेरिका में जाकर अच्छी पढ़ाई करो। ओसामा बिन लादेन के जो बच्चे उसके साथ एबटाबाद में पाए गए थे वे लगभग 9 महीने तक जेल में रहे थे। इस हमले के दौरान ओसामा बिन लादेन की एक 12 वर्षीय बेटी साफिया घायल भी हो गई थी।
अल-सादाह का कहना है कि उसे लगता था कि उसकी बहन को भी इस मामले में सजा हो सकती है। ओसामा बिन लादेन का परिवार काफी समय तक पाकिस्तान में रहा था। पाकिस्तानी अधिकारी ओसामा बिन लादेन पर यह आरोप लगा रहे थे कि वे उसके बारे में कई अहम जानकारियां छुपा रहे हैं। ओसामा बिन लादेन ने इसके विरोध में भूख हड़ताल भी की थी।
उसने बताया कि ओसामा के बच्चों ने अपनी आखों के सामने अपने पिता की हत्या होते देखी है। ऐसे में इन बच्चों को यह जरूरत है कि कोई उनका ख्याल रखा जाए। अगर उन्हें जेल में रखा जाएगा तो इसका बुरा असर होगा। अपने पिता की गलती को वो नहीं चुका सकते।













