
लखनऊ। वैसे तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां बिल्लौचपुरा में सपा प्रत्याशी जूही सिंह की सभा को संबोधित करने आए थे, लेकिन अमर सिंह को लेकर उनके पार्टी से निष्कासन का दर्द भी बाहर आ गया। आजम खां ने अमर सिंह का नाम लिए बगैर उनको अंतरराष्ट्रीय दलाल कहते हुए समाजवादी पार्टी पर काले धब्बे लगाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मुसलमानों की हालत दलितों से बदतर है। आजम खां ने शायराना अंदाज में यह भी कहा कि तहजीब के शहर की सड़कों पर कई बड़े नेताओं को पैदल होते देखा गया है।
इतना सुनने पर कमला नेहरू नगर के गोपाल राय ने आजम खां की जनसभा का विरोध कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने उसे दौड़ाकर पीट भी दिया। जनसभा का संबोधन जारी रखते हुए आजम खां ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। भाजपा और कांग्रेस पर मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एजूकेशन बिल पारित होने के बावजूद उसे लटकाए रखने पर उसे लटकाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यदि उनपर धार्मिक होने का आरोप लगाया जा रहा है तो वह इसे दूर करने के लिए इस विश्वविद्यालय में एक भी मुस्लिम छात्र को दाखिला नहीं देंगे। तीन बार मंत्री रहने के बावजूद यदि कोई यह साबित कर दे कि मैने कभी धर्म के अधीन होकर काम किया है तो मेरे लिए फांसी का फंदा तैयार रखना। मैं लटकने को तैयार हूं। बसपा ने अवाम के साथ गद्दारी की है। मदरसों पर कई आरोप लगते रहें लेकिन आज तक एक भी मदरसा आइएसआइ का अड्डा साबित नहीं हुआ।
इतना सुनने पर कमला नेहरू नगर के गोपाल राय ने आजम खां की जनसभा का विरोध कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने उसे दौड़ाकर पीट भी दिया। जनसभा का संबोधन जारी रखते हुए आजम खां ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के विकास का रास्ता रोकने का आरोप लगाया। भाजपा और कांग्रेस पर मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एजूकेशन बिल पारित होने के बावजूद उसे लटकाए रखने पर उसे लटकाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यदि उनपर धार्मिक होने का आरोप लगाया जा रहा है तो वह इसे दूर करने के लिए इस विश्वविद्यालय में एक भी मुस्लिम छात्र को दाखिला नहीं देंगे। तीन बार मंत्री रहने के बावजूद यदि कोई यह साबित कर दे कि मैने कभी धर्म के अधीन होकर काम किया है तो मेरे लिए फांसी का फंदा तैयार रखना। मैं लटकने को तैयार हूं। बसपा ने अवाम के साथ गद्दारी की है। मदरसों पर कई आरोप लगते रहें लेकिन आज तक एक भी मदरसा आइएसआइ का अड्डा साबित नहीं हुआ।













