
दिल्ली (ब्यूरो)। फरवरी का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ कि बिजली दिल्ली वासियों को झटका देने लगी है। इसीक्रम में यहां बिजली की कीमतों में फिर से पांच प्रतिशत का इजाफा कर दिया गया है। कीमतों में यह वद्धि पहली फरवरी से लागू हो गई है। बिजली कंपनियों की मांग पर विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने फ्यूल सरचार्ज के रूप में कीमतों में पांच फीसदी की बढ़ोतरी का आदेश दिया है। यह वृद्धि फरवरी, मार्च व अप्रैल के लिए होगी।
आयोग का यह आदेश अभी अस्थायी है। बाद में अंतिम आदेश जारी होगा। इससे पहले डीईआरसी ने एक सितबंर से लागू नए टैरिफ में करीब 22 फीसदी बिजली के दामों बढ़ोतरी की थी। डीईआरसी ने अपने आदेश में कहा है कि राजधानी की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल, बीवाईपीएल तथा एनडीपीएल ने अक्टूबर-दिसंबर 2011 तक फ्यूल चार्ज को समायोजित करने का आवेदन किया था। इसके तहत एनडीपीएल ने 9.12 फीसदी, बीआरपीएल ने 10.75 और बीवाईपीएल ने 12.43 फीसदी सरचार्ज लगाने की मांग की थी। आयोग बिजली वितरण कंपनियों द्वारा दिए दस्तावेजों की जांच कर रहा है। फिलहाल पांच प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाया गया। दस्तावेजों की जांच के अनुसार ही फ्यूल चार्ज बढे़गा।
आयोग ने अपने आदेश में आगे कहा कि बिजली उत्पादन की लागत बढ़ी है। ऐसी स्थिति में बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ वह भी उठाएं। इसीलिए आयोग ने पांच प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया। यह चार्ज एक फरवरी से लागू होकर नए बिल शामिल हो जाएगा। आयोग ने कहा कि राजधानी में वर्ष 2011- 2012 के लिए सितंबर के दौरान एक टैरिफ में 22 फीसदी दाम बढ़ाए गए थे। उस दौरान आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल चार्ज का अतिरिक्त बोझ टाल दिया था।
उस दौरान आयोग ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगामी तीन महीनों बाद इस संबंध में फैसला किया जाएगा। पांच प्रतिशत के अधिभार की वजह से अब उपभोक्ता को पहली 200 यूनिट पर 3.15 रुपये प्रति यूनिट की दर से, 200 से 400 यूनिट के इस्तेमाल पर 5.04 रुपये की दर से भुगतान करना होगा, जो अभी तक 4.80 रुपये प्रति यूनिट था। इसी तरह 400 से अधिक यूनिट की खपत पर प्रति यूनिट दर छह रुपये होगी। अभी यह दर 5.70 रुपये है।
आयोग का यह आदेश अभी अस्थायी है। बाद में अंतिम आदेश जारी होगा। इससे पहले डीईआरसी ने एक सितबंर से लागू नए टैरिफ में करीब 22 फीसदी बिजली के दामों बढ़ोतरी की थी। डीईआरसी ने अपने आदेश में कहा है कि राजधानी की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल, बीवाईपीएल तथा एनडीपीएल ने अक्टूबर-दिसंबर 2011 तक फ्यूल चार्ज को समायोजित करने का आवेदन किया था। इसके तहत एनडीपीएल ने 9.12 फीसदी, बीआरपीएल ने 10.75 और बीवाईपीएल ने 12.43 फीसदी सरचार्ज लगाने की मांग की थी। आयोग बिजली वितरण कंपनियों द्वारा दिए दस्तावेजों की जांच कर रहा है। फिलहाल पांच प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाया गया। दस्तावेजों की जांच के अनुसार ही फ्यूल चार्ज बढे़गा।
आयोग ने अपने आदेश में आगे कहा कि बिजली उत्पादन की लागत बढ़ी है। ऐसी स्थिति में बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ वह भी उठाएं। इसीलिए आयोग ने पांच प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया। यह चार्ज एक फरवरी से लागू होकर नए बिल शामिल हो जाएगा। आयोग ने कहा कि राजधानी में वर्ष 2011- 2012 के लिए सितंबर के दौरान एक टैरिफ में 22 फीसदी दाम बढ़ाए गए थे। उस दौरान आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल चार्ज का अतिरिक्त बोझ टाल दिया था।
उस दौरान आयोग ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगामी तीन महीनों बाद इस संबंध में फैसला किया जाएगा। पांच प्रतिशत के अधिभार की वजह से अब उपभोक्ता को पहली 200 यूनिट पर 3.15 रुपये प्रति यूनिट की दर से, 200 से 400 यूनिट के इस्तेमाल पर 5.04 रुपये की दर से भुगतान करना होगा, जो अभी तक 4.80 रुपये प्रति यूनिट था। इसी तरह 400 से अधिक यूनिट की खपत पर प्रति यूनिट दर छह रुपये होगी। अभी यह दर 5.70 रुपये है।













