
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। हर राजनीतिक पार्टी अपने को मजबूत करने की जुगत में है। ऐसे में अलग बुंदेलखण्ड राज्य के गठन के लिये मुहिम चला रहे राजा बुंदेला की अगुवाई वाली बुंदेलखण्ड कांग्रेस, पीस पार्टी तथा अपना दल ने आज गठबंधन करते हुए यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव आपसी तालमेल से लड़ने का ऐलान किया। पीस पार्टी के अध्यक्ष डाक्टर अयूब ने बुंदेलखण्ड कांग्रेस अध्यक्ष राजा बुंदेला तथा अपना दल के महासचिव अनुप्रिय पटेल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों दलों ने राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव मिल जुलकर लड़ने का फैसला किया है।
इसके जरिये लोगों को एक मजबूत विकल्प देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य वंचित वर्गों को शासन प्रशासन में समुचित भागीदारी एवं न्याय दिलाना है। बुंदेलखण्ड कांग्रेस के अध्यक्ष राजा बुंदेला ने इस मौके पर कहा कि बुंदेलखण्ड के मुसलमान सबसे ज्यादा शोषित हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस शासन से लेकर मुलायम सिंह की हुकूमत तक मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है। साथ ही यह वर्ग ईमानदार नेतृत्व से भी वंचित है।
बुंदेला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में अगर नवगठित मोर्चा की सरकार बनी तो किसी मुसलमान या महिला को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। अपना दल के महासचिव अनुप्रिय पटेल ने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों को विश्वास है कि जनता इस बार चुनाव में मायावती और कांग्रेस के भ्रष्टाचार, समाजवादी पार्टी के गुंडाराज तथा भारतीय जनता पार्टी के साम्प्रदायिक चेहरे को नकार देगी।


















