
नयी दिल्ली। जी हां यह सवाल हम आपसे पूछ रहे हैं, क्योंकि जल्द ही यह मुद्दा बड़े-बड़े अखबारों, टीवी चैनलों और न्यूज वेबसाइटों की सुर्खियां बनने वाला है। मुद्दा इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि पिछले पांच सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बाकी अपराधों की तुलना में सबसे ज्यादा बढ़ा है और केंद्र सरकार बलात्कारियों को फांसी की सजा देने के प्रावधान पर विचार भी कर रही है। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री कृष्णा तीरथ की माने तो सरकार मामले को गंभीरता से गंभीरता से ले रही है।
मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा है कि केंद्र सरकार बलात्कार के दोषियों को फांसी सहित कड़ी से कड़ी सजा देने पर विचार कर रही है, ताकि कोई इस तरह का दुष्कर्म करने से पहले चार बार सोचे। मंत्री ने कहा, "कुछ एनजीओ (गैरसरकारी संगठन) मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि आप बलात्कार करने वालों को फांसी की सजा देने का प्रावधान करें, इस बारे में हम देख रहे हैं और यह विषय चर्चा में है। हम और कई और संगठनों को बुलाकर बात कर रहे हैं और इस गंभीर मुद्दे पर आम सहमति बनाने के प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री के मुताबिक सरकार का भी चाह रही है कि सजा इतनी सख्त से सख्त होनी चाहिए कि आगे से कोई बलात्कार करने की हिम्मत नहीं करे। उत्तर प्रदेश और दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढती अपराध दर संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है और ऐसा अपराध करने वालों का सामाजिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा आगामी शीतकालीन सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित होने की पूरी संभावनाएं भी कृष्णा तीरथ ने व्यक्त की।
खैर बात वापस बलात्कार पर ले जायें तो सरकार के इस कदम से आपको क्या लगता है। क्या वाकई में बलात्कार के लिए फांसी की सजा होनी चाहिये, या सरकार को पहले बलात्कार की परिभाषा में परिवर्तन करना चाहिये। कानून की भाषा कहती है कि बिना लड़की की सहमति के किया गया संभोग बलात्कार है, चाहे वो पति ही क्यों न करे।
भारत जैसे देश में उन मामलों में भी बलात्कार के केस दर्ज किये जाते हैं, जिसमें पहले लड़की की सहमति से संभोग होता है, उसके बाद जब लड़का शादी से इनकार कर देता है, तो वह लड़की उस पर बलात्कार का आरोप लगा देती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद एवं अनुराधा बाली उर्फ फिजा का है। जिसमें दोनों के बीच रिश्ता टूटने के बाद फिजा ने चांद पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। (पढ़ें- नए ट्रेंड ने बदल डाली बलात्कार की परिभाषा)।
तो आपकी क्या राय है। रेप केस में दोषी पाये जाने पर अपराधी को कौन सी सजा दी जानी चाहिये। फांसी, उम्र कैद या कुछ और? अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।
मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा है कि केंद्र सरकार बलात्कार के दोषियों को फांसी सहित कड़ी से कड़ी सजा देने पर विचार कर रही है, ताकि कोई इस तरह का दुष्कर्म करने से पहले चार बार सोचे। मंत्री ने कहा, "कुछ एनजीओ (गैरसरकारी संगठन) मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि आप बलात्कार करने वालों को फांसी की सजा देने का प्रावधान करें, इस बारे में हम देख रहे हैं और यह विषय चर्चा में है। हम और कई और संगठनों को बुलाकर बात कर रहे हैं और इस गंभीर मुद्दे पर आम सहमति बनाने के प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री के मुताबिक सरकार का भी चाह रही है कि सजा इतनी सख्त से सख्त होनी चाहिए कि आगे से कोई बलात्कार करने की हिम्मत नहीं करे। उत्तर प्रदेश और दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढती अपराध दर संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है और ऐसा अपराध करने वालों का सामाजिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा आगामी शीतकालीन सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित होने की पूरी संभावनाएं भी कृष्णा तीरथ ने व्यक्त की।
खैर बात वापस बलात्कार पर ले जायें तो सरकार के इस कदम से आपको क्या लगता है। क्या वाकई में बलात्कार के लिए फांसी की सजा होनी चाहिये, या सरकार को पहले बलात्कार की परिभाषा में परिवर्तन करना चाहिये। कानून की भाषा कहती है कि बिना लड़की की सहमति के किया गया संभोग बलात्कार है, चाहे वो पति ही क्यों न करे।
भारत जैसे देश में उन मामलों में भी बलात्कार के केस दर्ज किये जाते हैं, जिसमें पहले लड़की की सहमति से संभोग होता है, उसके बाद जब लड़का शादी से इनकार कर देता है, तो वह लड़की उस पर बलात्कार का आरोप लगा देती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन उर्फ चांद एवं अनुराधा बाली उर्फ फिजा का है। जिसमें दोनों के बीच रिश्ता टूटने के बाद फिजा ने चांद पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। (पढ़ें- नए ट्रेंड ने बदल डाली बलात्कार की परिभाषा)।
तो आपकी क्या राय है। रेप केस में दोषी पाये जाने पर अपराधी को कौन सी सजा दी जानी चाहिये। फांसी, उम्र कैद या कुछ और? अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।














