शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने में कई बड़ी चुनौतियां

 

- कोष की कमी। पहले वर्ष में कानून के क्रियान्वयन के दौरान 70 अरब रुपये की कमी होने की आशंका है।

-देश में अभी कम से कम 500,000 और शिक्षकों की आवश्यकता है, इसके बिना कानून की सफलता संभव नहीं दिखती।

-देश में अप्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या कुल अध्यापकों की संख्या के 10 से 40 प्रतिशत के बीच है।

- कई राज्य ऐसे हैं जो कोष की कमी के कारण कानून को लागू करने में बहुत सहयोग नहीं कर रहे हैं।

- लाखों स्कूलों में अब भी आधारभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए उनको समय मिल सकता है या प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है? दोनों ही स्थिति में देश का नुकसान है।

- इस बात की कोई योजना नहीं है कि सरकार स्कूलों से दूर हो चुके 81 लाख बच्चों को वापस कक्षाओं में भेजने के लिए कैसे मदद उठाएगी।

- क्या इसके कार्यान्वयन की निगरानी के लिए उचित निरीक्षण व्यवस्था होगी। यदि यह अपनी राह से भटका तो राज्य सरकारें और केंद्र सरकार इसकी विफलता के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराएंगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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