सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने इस संबंध में भाजपा के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क साधा है। इन कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा नेताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी सूरत में महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा से पारित न होने दें।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया, "कांग्रेस के दो बड़े नेता हमसे मिलने आए थे। उनका कहना था कि वे तो अपनी पार्टी में बंधुआ मजदूर की तरह हैं, इसलिए महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं कर सकते। हो सके तो आपलोग इस विधेयक को रूकवा लीजिए। इसे लोकसभा से पारित मत होने दीजिए।"
इससे पहले, बिहार से कांग्रेस के सांसद मोहम्मद असरारूल हक ने खुलकर इस विधेयक का विरोध किया। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में हक ने कहा कि इस विधेयक को पारित कराने से पहले सभी वर्गो के हितों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी से भेदभाव नहीं होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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