
नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रमुख आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नाम से मिलते जुलते नाम वाले संगठन लश्कर-ए-तैयबा अल अलामी ने पुणे बम धमाके की जिम्मेदारी ली है। इस संगठन का नाम पहली बार सुर्खियों में आया है। आतंकी संगठन ने कहा है कि भारत में मौजूद सूत्रों की मदद से ही इस वारदात को अंजाम दिया।
पढ़ें- पुणे धमाका: सीसीटीवी फुटेज से मिलेंगे सुराग
आतंकवादी गुट लश्कर-ए-तैयबा अल अलामी का अपने आप को प्रवक्ता बताने वाले अबु जिंदाल ने इस्लामाबाद में स्थित एक भारतीय महिला पत्रकार को फोन कर पुणे विस्फोट की जिम्मेदारी ली और इसके पीछे दो कारण बताए।
फोन करने वाले ने पत्रकार को बताया कि पहला कारण तो यह है कि भारत-पाक वार्ता में कश्मीर मुद्दे पर बात न करना और दूसरा कारण भारत का अमेरिका के साथ बढ़ता सहयोग है। उसने कहा, "जो भी अमेरिका का इत्तेहादी होगा, हम उसके खिलाफ जंग लड़ेंगे। चाहे वह भारत हो या पाकिस्तान।"
फोन करने वाले ने कहा कि वह उत्तरी वजीरिस्तान के मिरनशाह से फोन कर रहा है। पत्रकार के अनुसार फोन नंबर का कोड वजीरिस्तान का ही था। उसने कहा कि पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस के आदेश पर लश्कर-ए-तैयबा का बंटवारा कर यह नया संगठन बनाया गया है।
फोनकर्ता ने कहा कि पुणे हमले को भारत में स्थित सूत्रों के जरिये अंजाम दिया गया। पत्रकार ने जब उस नंबर पर बात करनी चाही तो रिकार्डेड वॉयस संदेश सुनाई दिया जिसमें कहा गया कि यह टेलीफोन अस्थायी रूप से उपयोग में नहीं है।
पढ़ें- पुणे धमाका: सीसीटीवी फुटेज से मिलेंगे सुराग
आतंकवादी गुट लश्कर-ए-तैयबा अल अलामी का अपने आप को प्रवक्ता बताने वाले अबु जिंदाल ने इस्लामाबाद में स्थित एक भारतीय महिला पत्रकार को फोन कर पुणे विस्फोट की जिम्मेदारी ली और इसके पीछे दो कारण बताए।
फोन करने वाले ने पत्रकार को बताया कि पहला कारण तो यह है कि भारत-पाक वार्ता में कश्मीर मुद्दे पर बात न करना और दूसरा कारण भारत का अमेरिका के साथ बढ़ता सहयोग है। उसने कहा, "जो भी अमेरिका का इत्तेहादी होगा, हम उसके खिलाफ जंग लड़ेंगे। चाहे वह भारत हो या पाकिस्तान।"
Read: In English
वजीरिस्तान से आया फोन फोन करने वाले ने कहा कि वह उत्तरी वजीरिस्तान के मिरनशाह से फोन कर रहा है। पत्रकार के अनुसार फोन नंबर का कोड वजीरिस्तान का ही था। उसने कहा कि पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस के आदेश पर लश्कर-ए-तैयबा का बंटवारा कर यह नया संगठन बनाया गया है।
फोनकर्ता ने कहा कि पुणे हमले को भारत में स्थित सूत्रों के जरिये अंजाम दिया गया। पत्रकार ने जब उस नंबर पर बात करनी चाही तो रिकार्डेड वॉयस संदेश सुनाई दिया जिसमें कहा गया कि यह टेलीफोन अस्थायी रूप से उपयोग में नहीं है।












