
लंदन। रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने महाराष्ट्र में टैक्सी परमिट के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के सरकार के फैसले को गलत करार देते हुए कहा कि मुंबई किसी विशेष भाषा बोलने वाले लोगों की नहीं बल्कि सभी भारतीयों की है।
मुकेश अंबानी ने कहा, "हम सभी पहले भारतीय हैं बाद में मुंबई, चेन्नई या दिल्ली के वासी। और यही सत्य है।" उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक उदारीकरण के इस दौर में भारत का कार्पोरेट जगत लाईसेंस राज से मुक्त हो गया है, तो गरीब टैक्सी वालों पर ये क्यों थोपा जा रहा है।
लंदन स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स में एक परिचर्चा के दौरान उन्होंने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने राज्य सभा सांसद एनके सिंह की पुस्तक, "नॉट बाई रीज़न अलोन: दि पॉलिटिक्स ऑफ चेंज" का विमोचन किया।
मुकेश अंबानी ने कहा, "हम सभी पहले भारतीय हैं बाद में मुंबई, चेन्नई या दिल्ली के वासी। और यही सत्य है।" उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक उदारीकरण के इस दौर में भारत का कार्पोरेट जगत लाईसेंस राज से मुक्त हो गया है, तो गरीब टैक्सी वालों पर ये क्यों थोपा जा रहा है।
लंदन स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स में एक परिचर्चा के दौरान उन्होंने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने राज्य सभा सांसद एनके सिंह की पुस्तक, "नॉट बाई रीज़न अलोन: दि पॉलिटिक्स ऑफ चेंज" का विमोचन किया।














