
मुंबई। देश के प्रमुख परमाणु केंद्र भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) की एक प्रयोगशाला में मंगलवार को आग लगने से दो शोध छात्रों की मौत हो गई। हालांकि इस आग से परमाणु केंद्र में रखे रेडियोधर्मी पदार्थों को कोई खतरा नहीं है। इसके अलावा वैज्ञानिकों का कहना है कि यह आग किसी रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव के कारण नहीं लगी है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दुर्घटना में किसी रिएक्टर, रेडियोधर्मी पदार्थ या रेडियोधर्मिता को नुकसान नहीं पहुंचा है। हां तीसरी मंजिल पर स्थित प्रयोगशाला के वैज्ञानिक उपकरणों को नुकसान जरूर पहुंचा है।
इस दुर्घटना में मुंबई के शोधछात्र उमंग सिंह और कोलकाता के पार्थ बाग की मौत हो गई है। दोनों की उम्र 22 से 25 के बीच की थी। दोनों के शव बुरी तरह झुलस गए थे और दोनों की पहचान उनके पहचान-पत्रों से की गई।
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केंद्र में लगी आग के बारे में वैज्ञानिकों ने बताया कि रसायन प्रयोगशाला में जोर का धमाका हुआ, और एका एक धुआं निकलने लगा। केंद्र के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर नियंत्रण पा लिया। आग लगने के स्पष्ट कारण फिलहाल नहीं पता चल सके हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि यह किसी रासायनिक क्रिया के कारण भी हो सकता है। हालांकि यह स्पष्ट है कि इस प्रयोगशाला में रेडियोधर्मी पदार्थों पर शोध नहीं किया जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दुर्घटना में किसी रिएक्टर, रेडियोधर्मी पदार्थ या रेडियोधर्मिता को नुकसान नहीं पहुंचा है। हां तीसरी मंजिल पर स्थित प्रयोगशाला के वैज्ञानिक उपकरणों को नुकसान जरूर पहुंचा है।
इस दुर्घटना में मुंबई के शोधछात्र उमंग सिंह और कोलकाता के पार्थ बाग की मौत हो गई है। दोनों की उम्र 22 से 25 के बीच की थी। दोनों के शव बुरी तरह झुलस गए थे और दोनों की पहचान उनके पहचान-पत्रों से की गई।













