
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना शहर में शनिवार को दो समुदायों के लोगों के बीच हिंसक झड़पों को रोकने के लिए पुलिस ने हवा में फायरिंग कर दी। जिस पर भड़के लोग हिंसक हो गए और पुलिस के खिलाफ नारे बाजी लगाते हुए तोड़फोड़ व आगजनी करने लगे। इस पूरी घटना में शनिवार का एक व्यक्ति की मौत की खबर है। जबकि दर्जनों घायल भी हुए हैं।
रविवार की सुबह डेरा के समर्थक डेरा नूरमहल की ओर एक बैठक करने के लिए जा रहे थे। प्रशासन ने पहले ही किसी भी प्रकार की बैठक पर रोक लग रखी थी, जिस पर डेरा समर्थक माने नहीं। बीच में ही रोके जाने पर डेरा समर्थकों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिस पर पुलिस को फायरिंग करी पड़ी।
पुलिस ने हवा में फायरिंग की, लेकिन उसकी एक गोली एक व्यक्ति को भी लग गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। ये झड़पे लुधियाना के मिलर गंज इलाके में हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इनमें से कुछ वाहन पुलिस के भी थे। इस घटना के बाद शहर के सहनेवाल और शिमलापुरी में ऐतियाहत के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया है।
सिख प्रदर्शनकारी विवादास्पद पंथ नूरमहलिया के नेता आशुतोष महाराज के कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शनिवार को पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। इससे पहले, शुक्रवार को प्रवासियों के उपद्रव की वजह से भी हिंसक घटनाएं हुई थीं।
रविवार की सुबह डेरा के समर्थक डेरा नूरमहल की ओर एक बैठक करने के लिए जा रहे थे। प्रशासन ने पहले ही किसी भी प्रकार की बैठक पर रोक लग रखी थी, जिस पर डेरा समर्थक माने नहीं। बीच में ही रोके जाने पर डेरा समर्थकों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिस पर पुलिस को फायरिंग करी पड़ी।
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कई इलाकों में कर्फ्यू पुलिस ने हवा में फायरिंग की, लेकिन उसकी एक गोली एक व्यक्ति को भी लग गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। ये झड़पे लुधियाना के मिलर गंज इलाके में हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इनमें से कुछ वाहन पुलिस के भी थे। इस घटना के बाद शहर के सहनेवाल और शिमलापुरी में ऐतियाहत के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया है।
सिख प्रदर्शनकारी विवादास्पद पंथ नूरमहलिया के नेता आशुतोष महाराज के कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शनिवार को पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। इससे पहले, शुक्रवार को प्रवासियों के उपद्रव की वजह से भी हिंसक घटनाएं हुई थीं।











