
शिकागो। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की हिरासत में चल रहे संदिग्ध आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राना ने मुंबई आतंकी हमलों में हाथ होने से साफ इंकार किया है। यह जानकारी देते हुए राना के वकील ने कहा कि पाकिस्तानी-कनाडाई लोग भारत के खिलाफ कभ्री नहीं रहे हैं।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले राना और उसके अमेरिकी साथ डेविड कोलमैन हेडली इस समय एफबीआई के शिकंजे में हैं। दोनों से गहन पूछताछ चल रही है। मुंबई हमलों के सिलसिले में रविवार को पहली बार राना की ओर से कोई बयान आया।
राना के वकील पेट्रिक ब्लीगन ने कहा, "राना ने कभी भारत के खिलाफ कोई साजिश नहीं की है। उनके परिवार का भारत से काफी करीबी जुड़ाव रहा है। पिछले वर्षों में उन्होंने कई हिंदुओं को अमेरिका और कनाडा में में कानूनी तौर पर रहने के लिए मदद की थी।"
वहीं अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा है कि राना और हेडली दोनों के तार मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े हैं। असल में एफबीआई इसी बात की जांच कर रही है। हालांकि एफबीआई अभी तक कोई सबूत नहीं जुटा सकी है।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले राना और उसके अमेरिकी साथ डेविड कोलमैन हेडली इस समय एफबीआई के शिकंजे में हैं। दोनों से गहन पूछताछ चल रही है। मुंबई हमलों के सिलसिले में रविवार को पहली बार राना की ओर से कोई बयान आया।
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कोई सबूत नहीं जुटा सकी एफबीआई राना के वकील पेट्रिक ब्लीगन ने कहा, "राना ने कभी भारत के खिलाफ कोई साजिश नहीं की है। उनके परिवार का भारत से काफी करीबी जुड़ाव रहा है। पिछले वर्षों में उन्होंने कई हिंदुओं को अमेरिका और कनाडा में में कानूनी तौर पर रहने के लिए मदद की थी।"
वहीं अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा है कि राना और हेडली दोनों के तार मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े हैं। असल में एफबीआई इसी बात की जांच कर रही है। हालांकि एफबीआई अभी तक कोई सबूत नहीं जुटा सकी है।












