
पोर्ट ऑफ स्पेन। मुंबई पर आतंकवादी हमले के एक वर्ष बाद यहां एक शिखर सम्मेलन में मौजूद होने के बावजूद भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे से कोई बातचीत नहीं की। यह दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती खटास का संकेत है।
मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने और आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को और अधिक कार्रवाई करने पर भारत के जोर देने से स्थगित समग्र वार्ता के आरंभ होने की कोई संभावना नहीं है। सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान ने हमारी चिंताओं को दूर करने के लिए बहुत कम काम किया है। किसी अन्य बैठक से भी बहुत कम परिणाम हासिल होगा।"
नहीं आ सके गिलानी, जरदारी
कुरैशी ने कामनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (चोगम) में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व भी किया। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी या राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के चोगम में शामिल होने की उम्मीद थी। परंतु घरेलू परिस्थितियों के कारण उनमें से कोई भी सम्मेलन में नहीं पहुंचा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने और आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को और अधिक कार्रवाई करने पर भारत के जोर देने से स्थगित समग्र वार्ता के आरंभ होने की कोई संभावना नहीं है। सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान ने हमारी चिंताओं को दूर करने के लिए बहुत कम काम किया है। किसी अन्य बैठक से भी बहुत कम परिणाम हासिल होगा।"
नहीं आ सके गिलानी, जरदारी
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विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे।कुरैशी ने कामनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (चोगम) में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व भी किया। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी या राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के चोगम में शामिल होने की उम्मीद थी। परंतु घरेलू परिस्थितियों के कारण उनमें से कोई भी सम्मेलन में नहीं पहुंचा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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