लिब्राहन रिपोर्ट में अटल, आडवाणी दोषी

 
लिब्राहन रिपोर्ट में अटल, आडवाणी दोषी

नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच कर रहे लिब्रहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और वीएचपी नेता अशोक सिंघल को मस्जिद गिराए जाने के लिए दोषी ठहराया है। आयोग की इस रिपोर्ट का खुलासा एक अंग्रेजी अखबार ने किया है।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मस्जिद ढहाए जाने के दोषियों में संघ परिवार के कुछ आला अधिकारी भी शामिल हैं। अखबार ने लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा है कि 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद को पूरी प्लैनिंग के साथ ढहाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन सभी व्यक्तियों को इस घटना के बारे में मालूम था। कमिशन ने इस घटना के सभी तथ्यों पर क्रमबद्धता से जांच कर पाया है कि 6 दिसंबर 1992 के कारसेवकों ने मस्जिद को ढहाया था।

सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कुछ मुस्लिम संगठनों जैसे बाबरी मस्जिद ऐक्शन कमिटी और ऑल इंडिया बाबरी मस्जिद ऐक्शन कमिटी की भी आलोचना की गई है। रिपोर्ट में अटल, आडवाणी और जोशी को 'छद्म नरमपंथी' बताया है।

वहीं आयोग की रिपोर्ट में पी. वी. नरसिह राव के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को करीब-करीब क्लीन चिट दे दी गई है। रिपोर्ट में दलील दी गई है कि, संविधान के मुताबिक, केंद्र सरकार तभी कार्रवाई कर सकती है जब कि राज्य का गवर्नर इसकी सिफारिश करे। रिपोर्ट के लीक होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रतिक्रिया जताते हुए इसे सदन में पेश करने की मांग की है। आडवाणी ने लोकसभा में कहा कि इस रिपोर्ट को तत्काल सदन में पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह रिपोर्ट देखकर स्तब्ध हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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