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राज ठाकरे की राह पर शिवराज सिंह

Shivraj Singh Chauhan
भोपाल/पटना। महाराष्ट्र में राज ठाकरे द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को बाहरी करार दिए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक बयान में कहा कि प्रदेश में बिहार के लोगों को नौकरी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री इस बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

गौरतलब है कि शिवराज सिंह ने गुरुवार शाम सतना जिले में आयोजित गरीब उत्थान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रदेश में इसी शर्त पर उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी कि वे स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे। उन्होंने कहा था कि "ये नहीं होगा कि कारखाना लगे सतना में और नौकरी करने वाले आ जाएं बिहार से"।

उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र में नए बिजली केंद्र और बड़ी संख्या में उद्योग धंधे स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

शिवराज के इस बयान पर पटना में संवाददाताओं से बातचीत में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने बिहारियों को नौकरी नहीं देने की बात में बड़े गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि चौहान का यह बयान संविधान के खिलाफ है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है जबकि उसके मुख्यमंत्री क्षेत्रवाद की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वकतव्य के लिए मुख्यमंत्री चौहान को माफी मांगनी चाहिए।

इस्तीफा दें शिवराज

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "चौहान का यह बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वह व्यक्ति जो संवैधानिक पद पर बैठा हो, उसे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।"

बहरहाल, मामले को तूल पकड़ता देख शिवराज सिंह ने शुक्रवार शाम अपनी सफाई में कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश-बिहार का नाम नहीं लिया। इस संबंध में जो खबरें चल रही हैं, वह असत्य हैं। हम सब भारत मां के लाल हैं। जिसने भी इस देश में जन्म लिया, सब भाई-भाई हैं। किसी के साथ भेदभाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।"

उन्होंने कहा, "मैंने यह जरूर कहा था कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए जरूरत पड़े तो स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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2008 अन्तर्राष्ट्रीय आलू वर्ष घोषित

कनाडा/लखनऊ, 16 दिसम्बरः संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2008 को अन्तर्राष्ट्रीय आलू वर्ष घोषित कर दिया है इस मौके पर दिल्ली में लगाई गई आलुओं की प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश को पहला स्थान मिला है।राज्य के उद्यान विभाग के अपर निदेशक राजा पाल सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2008 को अन्तर्राष्ट्रीय आलू वर्ष घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला एवं राष्ट्रीय आलू संघ के संयुक्त.....
User Comments
शेरखान 07 Nov 2009 06:16 pm
एसा होना चाहिय हम सब भारत मां के लाल हैं। जिसने भी इस देश में जन्म लिया, सब भाई-भाई हैं। किसी के साथ भेदभाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।" एसा नहीं कहना चाहिय कहेने वाले को कड़ी सजा मिलनी चाहिय ये नहीं होगा कि कारखाना लगे सतना में और नौकरी करने वाले आ जाएं बिहार से"।
रणजीत कुमार 07 Nov 2009 12:55 pm
पार्लियामेन्ट में ऐसा नियम लागु करना chaiye की बिना ग्रादुअशन के कोई नेता चुनाव लड़ नहीं सकता है.
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