
लंदन। क्वालिटी एजूकेशन का दावा करने वाले भारत के विश्वविद्यालयों में से एक भी विश्वविद्यालय विश्व की वरीयता सूची में शमिल नहीं हो सके। दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों की सूची गुरुवार को जारी हुई। सूची में सबसे ज्यादा ब्रिटिश और अमेरिका के विश्वविद्यालय शामिल हैं। वहीं दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के कई संस्थानों ने भी सूची में जगह बना ली, लेकिन भारतीय संस्थान पीछे रह गए।
क्यूएस/टाइम्स की उच्च शिक्षा रैंकिंग में जापान, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, ताइवान, चीन और सिंगापुर जैसे दक्षिण एशियाई देशों के विश्वविद्यालयों की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो गई है। एशियाई देशों के संस्थानों में सबसे ऊंचा स्थान टोक्यो विश्वविद्यालय का है, जिसे 22वां स्थान हासिल हुआ है।
दुनिया के टॉप 10 विश्वविद्यालय-
हावर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका)
कैंब्रिज विश्वविद्यालय (ब्रिटेन)
येल विश्वविद्यालय (अमेरिका)
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (ब्रिटेन)
इंपीरियल कॉलेज लंदन(ब्रिटेन)
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय(ब्रिटेन)
शिकागो विश्वविद्यालय (अमेरिका)
प्रिंस्टन विश्वविद्यालय (अमेरिका)
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (अमेरिका)
कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका)
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क्यूएस/टाइम्स की उच्च शिक्षा रैंकिंग में जापान, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, ताइवान, चीन और सिंगापुर जैसे दक्षिण एशियाई देशों के विश्वविद्यालयों की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो गई है। एशियाई देशों के संस्थानों में सबसे ऊंचा स्थान टोक्यो विश्वविद्यालय का है, जिसे 22वां स्थान हासिल हुआ है।
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शीर्ष 10 में ब्रिटेन के चार और शीर्ष 100 में उसके 18 विश्वविद्यालय शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय एक स्थान नीचे गिरकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया। सूची में उत्तर अमेरिका के विश्वविद्यालयों की संख्या भी 42 से गिरकर 36 हो गई।दुनिया के टॉप 10 विश्वविद्यालय-
हावर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका)
कैंब्रिज विश्वविद्यालय (ब्रिटेन)
येल विश्वविद्यालय (अमेरिका)
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (ब्रिटेन)
इंपीरियल कॉलेज लंदन(ब्रिटेन)
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय(ब्रिटेन)
शिकागो विश्वविद्यालय (अमेरिका)
प्रिंस्टन विश्वविद्यालय (अमेरिका)
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (अमेरिका)
कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका)
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