
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों भारी बारिश के कारण आई बाढ़ का तांडव शुरू हो गया है। बाढ़ की चपेट में आने से दोनों राज्यों में करीब 130 लोगों के मारे जाने की खबर है।
आंध्र प्रदेश के कुरनूल के डूबने और विजयवाड़ा शहर के अंदर पानी घुसने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुरनूल में हजारों बाढ़ पीड़ित पिछले दो दिनों से बिना भोजन और पानी के अंधेरे में छतों पर बसेरा कर रहे हैं। ये लोग मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासन ने शुक्रवार रात ही इस कस्बे के लोगों से सुरक्षित जगहों की चले जाने के लिए कहा था। कुरनूल की आबादी लगभग 500,000 है। यहां श्रीसैलम बांध में जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। जो लोग इमारतों की छतों पर हैं वे नीचे नहीं आ पा रहे हैं क्योंकि बाढ़ का पानी पांच से छह फुट तक भर चुका है।
आंध्र प्रदेश में सेना बुलाई गई
अधिकारियों ने बताया कि सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य अब आरंभ करेंगे। आपदा प्रबंधन कार्रवाई बल के कर्मचारी भी कुरनूल पहुंच रहे हैं। राज्य में पिछले 100 वर्षो में यह सबसे भयावह बाढ़ है। बाढ़ की वजह से कुरनूल , महबूबनगर, गुंटूर और कृष्णा जिलों में 200,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। इन जगहों पर बाढ़ की वजह से फसलें तबाह हो गई हैं। अधिकारियों ने कहा है कि राज्य में पिछले तीन में मूसलाधार बारिश की वजह से 30 लोगों की मौत हो गई है
और कुरनूल व महबूब नगर के लगभग 100 गांवों के सैंकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। प्रकासम बैराज और नागार्जुन बांध में भारी जलप्रवाह की वजह से विजयवाड़ा और कृष्णा व गुंटूर के दूसरे हिस्सों के भी जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है। विजयवाड़ा के निचले इलाकों से शुक्रवार रात लोगों का पलायन जारी रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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