
जलंधर। पंजाब में पाकिस्तानी सीमा से लगे वाघा बॉर्डर पर शुक्रवार रात दस बजे के करीब दो जबरदस्त धमाके सुनाई दिए। देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। वो कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि पाकिस्तानी सेना ने भारत की ओर दो रॉकेट दागे थे। इस हमले के जवाब में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीनगन से फायरिंग की।
इस हमले में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आस-पास के गांव के लोग इससे खासी दहशत में हैं। यहां तक मौत के डर से ग्रामीणों ने गांव छोड़ने तक की बात कही है। पिछले तीन महीने में यह तीसरी बार है, जब पाकिस्तान ने युद्धविराम तोड़ा है।
बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक अमृतसर और लाहौर के बीच स्थित संवेदनशील चौकी पुलकंजरी के पास स्थित गांवों को निशाना बना कर शुक्रवार रात रॉकेट दागे गए। बीएसएफ के जवानों ने पाक की ओर से रॉकेट फायर होते देखे और तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की।
अंधेरे के कारण बीएसएफ जवान हमलावरों को देख नहीं सके। ऊपर से सीमा पर लगे सरकंड़े की वजह से भी खासी दिक्कत हुई। हमले में आए रॉकेट ग्राम धनोए खुर्द और मोदे गांव के खेतों में गिरे। हमले के तुरंत बाद बीएसएफ ने आस-पास के सभी गांवों में ब्लैक आउट करवा दिया। साथ ही सीमा पर अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
इस हमले में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आस-पास के गांव के लोग इससे खासी दहशत में हैं। यहां तक मौत के डर से ग्रामीणों ने गांव छोड़ने तक की बात कही है। पिछले तीन महीने में यह तीसरी बार है, जब पाकिस्तान ने युद्धविराम तोड़ा है।
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गांवों में ब्लैक आउट बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक अमृतसर और लाहौर के बीच स्थित संवेदनशील चौकी पुलकंजरी के पास स्थित गांवों को निशाना बना कर शुक्रवार रात रॉकेट दागे गए। बीएसएफ के जवानों ने पाक की ओर से रॉकेट फायर होते देखे और तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की।
अंधेरे के कारण बीएसएफ जवान हमलावरों को देख नहीं सके। ऊपर से सीमा पर लगे सरकंड़े की वजह से भी खासी दिक्कत हुई। हमले में आए रॉकेट ग्राम धनोए खुर्द और मोदे गांव के खेतों में गिरे। हमले के तुरंत बाद बीएसएफ ने आस-पास के सभी गांवों में ब्लैक आउट करवा दिया। साथ ही सीमा पर अलर्ट घोषित कर दिया गया है।












