
पटना। पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल की वजह से चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने के कारण अब तक 32 मरीजों की मौत हो चुकी है। पीएमसीएच में गत 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत हो गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि बुधवार को छह और गुरुवार व शुक्रवार को 15 मरीजों की मौत हो गई थी।
पारिश्रमिक में वृद्धि और वेतन की मांग करते हुए पीएमसीएच के 400 से अधिक जूनियर डॉक्टर बुधवार शाम से ही हड़ताल पर हैं।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
हड़ताल से सबसे अधिक अपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग से सहायाता मांगी है। समीप के विभिन्न अस्पतालों से 50 से अधिक चिकित्सकों को बुलाया गया है। पीएमसीएच के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि गत दो दिनों में सैंकड़ों मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ा है।
एक अन्य नेता ने कहा है कि वेतन में वृद्धि की मांग गत दो वर्ष से की जा रही है लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच में प्रथम वर्ष के छात्र को 13,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्र को 14,000 और तृतीय वर्ष के छात्र को 15,000 रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि पड़ोसी राज्यों की तरह यहां भी वेतन बढ़ाकर 22,500 रुपये कर दिया जाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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पारिश्रमिक में वृद्धि और वेतन की मांग करते हुए पीएमसीएच के 400 से अधिक जूनियर डॉक्टर बुधवार शाम से ही हड़ताल पर हैं।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
हड़ताल से सबसे अधिक अपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग से सहायाता मांगी है। समीप के विभिन्न अस्पतालों से 50 से अधिक चिकित्सकों को बुलाया गया है। पीएमसीएच के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि गत दो दिनों में सैंकड़ों मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ा है।
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जूनियर डॉक्टरों के संघ के अध्यक्ष राजीव बाबू ने रविवार को कहा, "पारिश्रमिक में इजाफे के बाद भी हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। हमारी मांग मासिक वेतन की है।"एक अन्य नेता ने कहा है कि वेतन में वृद्धि की मांग गत दो वर्ष से की जा रही है लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच में प्रथम वर्ष के छात्र को 13,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्र को 14,000 और तृतीय वर्ष के छात्र को 15,000 रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि पड़ोसी राज्यों की तरह यहां भी वेतन बढ़ाकर 22,500 रुपये कर दिया जाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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