
हैदराबाद। जरा सोचिए महज हजार रुपए की चोरी करने वाले व्यक्ति के साथ जेल में क्या सुलूख होता होगा। जाहिर है उसे आम कैदियों के साथ रखा जाता होगा, काम करवाए जाते होंगे, और बहुत कुछ...। अब अगर घोटाला 7800 करोड़ रुपए का हो तो। इस सजा के मुकाबले तो यही लगता है कि उसकी तो सजा और कड़ी होगी, लेकिन हैदराबाद के जेल में ऐसा नहीं होता। सत्यम कंप्यूटर्स में इतना बड़ा घोटाला करने वाले राजू बंधुओं को जेल में हर वो सुविधाएं मिल रही हैं, जो एक आम आदमी को जेल के बाहर आराम से मिलती हैं।
जेल में बैडमिंटन कोर्ट भी
आंध्र प्रदेश के एक तेलगू अखबार 'ईनाडु' ने राजू को दी जा रहीं सुविधाओं का खुलासा किया। अखबार की खबर के मुताबिक हैदराबाद के चंचलगुडा जेल में राजू, उनके भाई और सत्यम के पूर्व प्रबंध निदेशक रामा राजू व अन्य को जेल में आरामदेह जीवन बिताने के लिए हर सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।
खबर के मुताबिक राजू के लिए जेल में एक अलग से रसोई घर बनाया गया है। राजू व उनके साथियों के पास जेल में भी मोबाइल फोन व लैपटॉप है, जिसके माध्यम से राजू व उनके भाई अपने रिश्तेदारों व मित्रों के साथ पूरे संपर्क में बने हुए हैं। खास बात यह है कि इन लोगों के खेलने के लिए यहां एक बैडमिंटन कोर्ट तक स्थापित कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक जेल के नियमों को तोड़ कर दी जा रहीं ये सुविधाएं कृषि कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन के कहने पर दी जा रही हैं। यही नहीं बताया जा रहा है कि जेल के अधिकारियों ने इसके लिए भारी-भरकम पैसा खाया है।
अब अगर वेंकटेश राओ की बात करें तो कुछ साल पहले वो भी 40 करोड़ रुपए के घोटाले में जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक राओ ने ही राजू बंधुओं को जेल में सुख सुविधाएं पाने के तरीके बताए। करीब एक साल पहले एक अखबार ने खबर छापी थी कि वेंकटेश राओ को जेल में सिर्फ सुख सुविधाएं ही नहीं मिलती थीं, बल्कि उनकी पत्नी भी उनके साथ जेल में रात को रुकने आती थीं।
जेल में बैडमिंटन कोर्ट भी
आंध्र प्रदेश के एक तेलगू अखबार 'ईनाडु' ने राजू को दी जा रहीं सुविधाओं का खुलासा किया। अखबार की खबर के मुताबिक हैदराबाद के चंचलगुडा जेल में राजू, उनके भाई और सत्यम के पूर्व प्रबंध निदेशक रामा राजू व अन्य को जेल में आरामदेह जीवन बिताने के लिए हर सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।
खबर के मुताबिक राजू के लिए जेल में एक अलग से रसोई घर बनाया गया है। राजू व उनके साथियों के पास जेल में भी मोबाइल फोन व लैपटॉप है, जिसके माध्यम से राजू व उनके भाई अपने रिश्तेदारों व मित्रों के साथ पूरे संपर्क में बने हुए हैं। खास बात यह है कि इन लोगों के खेलने के लिए यहां एक बैडमिंटन कोर्ट तक स्थापित कर दिया गया है।
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जेल के अधिकारियों को रिश्वत!सूत्रों के मुताबिक जेल के नियमों को तोड़ कर दी जा रहीं ये सुविधाएं कृषि कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन के कहने पर दी जा रही हैं। यही नहीं बताया जा रहा है कि जेल के अधिकारियों ने इसके लिए भारी-भरकम पैसा खाया है।
अब अगर वेंकटेश राओ की बात करें तो कुछ साल पहले वो भी 40 करोड़ रुपए के घोटाले में जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक राओ ने ही राजू बंधुओं को जेल में सुख सुविधाएं पाने के तरीके बताए। करीब एक साल पहले एक अखबार ने खबर छापी थी कि वेंकटेश राओ को जेल में सिर्फ सुख सुविधाएं ही नहीं मिलती थीं, बल्कि उनकी पत्नी भी उनके साथ जेल में रात को रुकने आती थीं।











