
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की मुख्यंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती को यह कहकर राहत दे दी है कि अगर पार्क बनाने व मूर्तियां लगाने पर मंत्रीमंडल ने मंजूरी दे दी है तो वो किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगा सकता है। यह कहकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मायावती, उनके राजनीतिक गुरु कांशीराम और बसपा के चुनाव चिह्न् 'हाथी' की मूर्तियां स्थापित करने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन और न्यायमूर्ति पी सथशिवम की पीठ ने कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। पीठ ने दिल्ली के एक अधिवक्ता रविकांत द्वारा दायर वाद पर सुनवाई से इंकार करते हुए कहा, "अगर मूर्ति स्थापना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली हुई है तो हम कुछ नहीं कर सकते। हमारे पास तभी आइए जब भ्रष्टाचार अथवा कोष के दुरुपयोग का कोई आरोप हो।"
मायावती पर आरोप हैं कि प्रदेश में कई स्थानों पर इन प्रतिमाओं की स्थापना पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च का खर्च आएगा, जो पूर तरह जनता के धन का दुरुपयोग है।
प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन और न्यायमूर्ति पी सथशिवम की पीठ ने कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। पीठ ने दिल्ली के एक अधिवक्ता रविकांत द्वारा दायर वाद पर सुनवाई से इंकार करते हुए कहा, "अगर मूर्ति स्थापना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली हुई है तो हम कुछ नहीं कर सकते। हमारे पास तभी आइए जब भ्रष्टाचार अथवा कोष के दुरुपयोग का कोई आरोप हो।"
मायावती पर आरोप हैं कि प्रदेश में कई स्थानों पर इन प्रतिमाओं की स्थापना पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च का खर्च आएगा, जो पूर तरह जनता के धन का दुरुपयोग है।












