•  

100 दिन में भंग होगा यूजीसी, एनसीटीई...

बुधवार, जून 24, 2009,16:22 [IST]
Kapil Sibal
नई दिल्‍ली। देश भर के विश्‍वविद्यालयों पर नियंत्रण रखने वाली यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी), इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों को मनमानी करने से रोकने वाली ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजूकेशन और शिक्षकों की शिक्षा को मजबूत बनाने वाली नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग (एनसीटीई) को 100 दिन के अंदर भंग कर दिया जाएगा।

उच्‍च शिक्षा में सुधार के लिए वैज्ञानिक यशपाल शर्मा के नेतृत्‍व में बनायी गई यशपाल कमेटी की रिपोट्र आने के बाद बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्‍बल ने कहा है कि केंद्र सरकार कमेटी की सिफारिशों को 100 दिन के अंदर लागू करने के प्रयास करेगी।

राष्‍ट्रीय आयोग का गठन होगा

कपिल सिब्‍बल के मुताबिक यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीईआरटी, मेडिकल काउंसिल, आदि नियामक इकाईयों को भंग करके उच्‍च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए राष्‍ट्रीय आयोग का गठन किया जाएगा। आयोग के गठन के लिए वो पूरी तैयारी में हैं।
  Read:  In English 
सिब्‍बल ने उम्‍मीद जतायी कि शिक्षा व्‍यवस्‍था के लिए तैयार किये गये इस रोडमैप के अंतर्गत होने वाले परिवर्तन को पूरा देश स्‍वीकार करेगा। यशपाल शर्मा द्वारा केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सिब्‍बल ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम देश की उच्‍च शिक्षा को मजबूत बनाने में कारगर साबित होगा।

यशपाल कमेटी की 10 प्रमुख सिफारिशें

1. यूजीसी, एनसीटीई, एआईसीटीई, आदि को भंग कर दिया जाए।
2. इन सबकी जगह कमीशन फॉर हाइयर एजूकेशन एण्‍ड रिसर्च का गठन हो।
3. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ इंडिया आदि की शक्तियां नियंत्रित हों। वो सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में दखल दें न कि शैक्षिक व अनुसंधान के कार्यों में।
4. आईआईटी, आईआईएम को विश्‍वविद्यालय का दर्जा मिले।
5. डीम्‍ड यूनिवर्सिटी के नाम से चल रहे संस्‍थानों पर लगाम कसी जाए।
6. देश के करीब डेढ़ हजार कॉलेजों के स्‍तर के सुधार में आवश्‍यकता।
7. देश भर में केवल एक स्‍नातक प्रवेश परीक्षा हो। उसी के माध्‍यम से सभी प्रवेश हों।
8. शिक्षकों की शिक्षा के स्‍तर में सुधार हो।
9. सिर्फ पैसा कमाने के लिए चलाये जा रहे मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग कॉलेज पर लगाम कसी जाए।
10. मानक पूरे होने पर ही मिले विश्‍वविद्यालयों को मान्‍यता।

&13;
User Comments
चन्द्र जीत 01 Jun 2010 08:54 pm
माननीय ,मंत्री जी सदर प्रणाम, आपको ज्ञात हो की रा.शि.नि. १९८६ द्वारा शिक्षा के उद्देश्य में जो शंशोधन हुआ है (मनुष्य को मनुष्य बनाने की क्रिया है शिक्षा, तथा चरित्र निर्माण की क्रिया है शिक्षा) इसकी जगह धन कमाने की क्रिया हो गई ,शिक्षा तथा रोजगार प्राप्ति का मद्दयम हो गई ,शिक्षा . बस आप इन २ उद्देश्यों में शंशोधन करके मूल रूप में लागु करने में यदि आप सक्षम हो तो सब सुधर जायेगा .१ मैन मेकिंग = मनी मेकिंग और करेक्टर मकिंग = कैरिअर मेकिंग कभी नहीं हो सकता. सधन्यवाद! 09936751722
[ कमेंट लिखें ]
IPL, Wankhede Stadium, Mumbai
Kolkata Knight Riders won by 32 runs
1st Test , Lord's Cricket Ground, St John's Wood
Match starts at 03:30 pm IST  
IPL, Himachal Pradesh Cricket Association Stadium, Dharmasala
Match starts at 04:00 pm IST