
लखनऊ/इलाहाबाद। अपराध को जड़ से उखाड़ फेंकने का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस पर आज डाकू का गिरोह भारी पड़ रहा है। मंगलवार सुबह शुरू हुई डाकुओं से मुठभेड़ गुरुवार को भी जारी है। एक तरफ डकैत घनश्याम केवट का गिरोह और दूसरी तरफ यूपी पुलिस के 400 से अधिक जवान। आलम यह है कि डाकुओं का गिरोह अबतक तीन जवानों को मौत के घाट उतार चुका है।
तीन पुलिसकर्मी शहीद
मंगलवार को 50 हजार के इनामी डकैत घनश्याम केवट के चित्रकूट के जमौली गांव में छिपे होने की खबर मिलते ही पुलिस ने गांव पर धावा बोल दिया। इस गांव में घनश्याम केवट की ससुराल है। बिना किसी तैयारी के ऑपरेशन शुरू करने का खामियाजा पुलिस को पहले ही दिन तब भुगतना पड़ा जब एक जवान शहीद हो गया। इसके बाद भारी पुलिस बल भेजा गया।
डकैतों के पास भारी मात्रा में हथियार
&13;इस ऑपरेशन की बागडोर यूपी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल संभाल रहे हैं। कई आईपीएस अधिकारियों समेत 400 जवान डकैतों से जूझ रहे हैं। गुरुवार सुबह तक डकैतों पर काबू नहीं पाया जा सका था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डकैतों के पास भारी मात्रा में हथियार, कारतूस व हैंड ग्रेनेड हैं। डकैतों के पास अत्याधुनिक राइफलें होने की संभावना भी है। हालांकि पुलिस ने गुरुवार शाम तक मुठभेड़ खत्म होने की संभावना व्यक्त की है। खबर लिखे जाने तक उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की तरफ से किसी निर्देश अथवा कार्रवाई की सूचना नहीं मिली।
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तीन पुलिसकर्मी शहीद
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बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में इनामी डकैत घनश्याम केवट के गिरोह और पुलिस के बीच मुठभेड़ गुरुवार सुबह भी जारी रही। पिछले 48 घंटों से जारी इस मुठभेड़ में डकैतों ने एक और जवान को मार गिराया है। अबतक तीनपुलिसकर्मी मारे जा चुके हैं, जबकि दो अधिकारियों समेत आधा दर्जन घायल हुए हैं। मंगलवार को 50 हजार के इनामी डकैत घनश्याम केवट के चित्रकूट के जमौली गांव में छिपे होने की खबर मिलते ही पुलिस ने गांव पर धावा बोल दिया। इस गांव में घनश्याम केवट की ससुराल है। बिना किसी तैयारी के ऑपरेशन शुरू करने का खामियाजा पुलिस को पहले ही दिन तब भुगतना पड़ा जब एक जवान शहीद हो गया। इसके बाद भारी पुलिस बल भेजा गया।
डकैतों के पास भारी मात्रा में हथियार
&13;इस ऑपरेशन की बागडोर यूपी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल संभाल रहे हैं। कई आईपीएस अधिकारियों समेत 400 जवान डकैतों से जूझ रहे हैं। गुरुवार सुबह तक डकैतों पर काबू नहीं पाया जा सका था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डकैतों के पास भारी मात्रा में हथियार, कारतूस व हैंड ग्रेनेड हैं। डकैतों के पास अत्याधुनिक राइफलें होने की संभावना भी है। हालांकि पुलिस ने गुरुवार शाम तक मुठभेड़ खत्म होने की संभावना व्यक्त की है। खबर लिखे जाने तक उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की तरफ से किसी निर्देश अथवा कार्रवाई की सूचना नहीं मिली।
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