&13;पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में हथियारबंद माओवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए अर्धसैनिक बल की पाँच कंपनियाँ भेजी गई हैं. लालगढ़ में तनाव का माहौल है. अर्धसैनिक बलों ने लालगढ़ के भीतर प्रवेश करने के तीन में से दो रास्तों पर मोर्चा संभाल लिया है.
&13;पुलिस का कहना है कि अर्धसैनिक बल के जवान लालगढ़ की ओर आगे बढ़ रहे हैं और अबतक पाँच कंपनियाँ पीराकाटा और ग्वालतोड़ पहुँच गई हैं. राज्य के गृह सचिव अर्धेदु सेन के अनुसार माओवादियों ने जगह-जगह पर रुकावटें खड़ी कर रखीं हैं और मानव दीवार बना रखी हैं.
&13;उनका कहना है कि तीन स्तरीय रुकावटें खड़ी की गई हैं. सबसे आगे महिलाओं और बच्चों को रखा गया जबकि दूसरी पंक्ति में छोटे-मोटे हथियार लिए लोग खड़े हैं. सबसे पीछे हथियारबंद माओवादी मोर्चा लिए हुए हैं.
&13;स्थिति को देखते हुए अर्धेदु सेन ने आम लोगों से अनुरोध किया है कि वे माओवादियों से दूर हट जाएं ताकि लड़ाई की दौरान वे सुरक्षाबल या माओवादियों का निशाना बनने से बच सकें.
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कार्रवाई पर आपत्ति&13; माओवादी की ताज़ा कार्रवाई सत्तारुढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सरकार के ख़िलाफ़ जनता का आक्रोश है. 22 और 23 जून को देश के पाँच राज्यों में बंद का आह्वान किया गया है माओवादी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी किशन जी
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&13;उधर माओवादियों के पश्चिम बंगाल के प्रभारी किशन जी ने बीबीसी को टेलीफ़ोन पर सरकार की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है.
&13;उनका कहना है, "माओवादियों की ताज़ा कार्रवाई सत्तारुढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) सरकार के ख़िलाफ़ जनता का आक्रोश है."
&13;किशन जी ने 22 और 23 जून देश के पाँच राज्यों में दो दिवसीय बंद का आह्वान किया है.
&13;मंगलवार को पश्चिम मिदनापुर ज़िले के लालगढ़ इलाक़े में माओवादी विद्रोहियों ने सत्तारुढ़ सीपीएम के छह कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी थी और इलाक़े से सीपीएम के कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया था.
&13;आदिवासी बाहुल्य लालगढ़ इलाक़े में विद्रोहियों और गाँववासियों ने अनेक गाँवों पर क़ब्ज़ा कर लिया है, माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनेक कार्यालयों को आग लगा दी है. लालगढ़ इलाक़े में लगभग आठ सौ से एक हज़ार गाँव हैं. उन इलाकों की आबादी लगभग 60 हज़ार है.
