
नई दिल्ली। निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने बुधवार को घरेलू क्षेत्र की सभी उड़ानों में ईंधन अधिभार में 400 रुपये की वृद्धि की है और इसकी जिम्मेदारी हवाई ईंधन की बढ़ती कीमतों पर डाली है।
जेट एयरवेज, जेट एयरवेज कनेक्ट और जेटलाइट फ्लाइट की सभी उड़ानों में ईंधन अधिभार बुधवार से लागू होगा। दिल्ली-मुंबई के लिए अब इकोनामी क्लास का टिकट 5,500 रुपये से 7,000 रुपये के बीच उपलब्ध होगा।
&13;तेल की कीमत में तेजी
उल्लेखनीय है कि सोमवार को सार्वजनिक तेल कंपनी ने हवाई ईंधन की कीमतों में 12 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की थी। 16 मार्च से ईंधन की कीमतों में छह बार वृद्धि हो चुकी है। उधर एयर इंडिया ने कहा है कि उसने किराए में वृद्धि का कोई निर्णय नहीं लिया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा,"हमने इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।"
किंगफिशर एयरलाइन ने सोमवार को कहा था कि वह हवाई ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के प्रभाव को देखने के बाद शीघ्र ही इस संबंध में फैसला करेगी।
&13;इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
जेट एयरवेज, जेट एयरवेज कनेक्ट और जेटलाइट फ्लाइट की सभी उड़ानों में ईंधन अधिभार बुधवार से लागू होगा। दिल्ली-मुंबई के लिए अब इकोनामी क्लास का टिकट 5,500 रुपये से 7,000 रुपये के बीच उपलब्ध होगा।
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एयरलाइन ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि मार्च 2009 के बाद से हवाई ईंधन की कीमतों में 33 प्रतिशत की तेज वृद्धि के कारण किरायों में बढ़ोत्तरी करना अपरिहार्य था।&13;तेल की कीमत में तेजी
उल्लेखनीय है कि सोमवार को सार्वजनिक तेल कंपनी ने हवाई ईंधन की कीमतों में 12 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की थी। 16 मार्च से ईंधन की कीमतों में छह बार वृद्धि हो चुकी है। उधर एयर इंडिया ने कहा है कि उसने किराए में वृद्धि का कोई निर्णय नहीं लिया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा,"हमने इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।"
किंगफिशर एयरलाइन ने सोमवार को कहा था कि वह हवाई ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के प्रभाव को देखने के बाद शीघ्र ही इस संबंध में फैसला करेगी।
&13;इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












