
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और पीलीभीत संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी वरुण गांधी के खिलाफ लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया है। भाजपा ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।
पीलीभीत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनपर उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगाया था। इससे पहले वरुण गांधी ने रासुका लगाने की पीलीभीत प्रशासन के फ़ैसले की वैधता को चुनौती दी थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वरुण गांधी को पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने यह फैसला गुरुवार को सुनाया। वरुण ने उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड के फ़ैसले को आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी देकर ये मांग की थी कि उनके ख़िलाफ़ रासुका हटाया जाए। इसके अलावा वरुण ने हर्जाने के रुप में उत्तर प्रदेश सरकार से दस लाख रुपये की मांग भी की है। पीलीभीत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनपर उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगाया था। इससे पहले वरुण गांधी ने रासुका लगाने की पीलीभीत प्रशासन के फ़ैसले की वैधता को चुनौती दी थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वरुण गांधी को पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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