सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस ने सिख समुदाय से जुड़े इस मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हमारे देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राष्ट्रीय पार्टी ने अल्पसंख्यकों के हितों को ध्यान में रख कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।"
अमरिंदर सिंह ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के लिए राज्य की सत्तारूढ़ अकाली दल-भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा, "अब हमें इस मामले को अदालत पर छोड़ देना चाहिए। हमारे पास देश में एक तंत्र है, लिहाजा उस तंत्र को काम करने दिया जाए। मैं इस बात से सहमत हूं कि यहां कानूनी प्रक्रिया लंबे समय तक चलती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन मैं जल्द न्याय मिलने की उम्मीद रखता हूं।"
उल्लेखनीय है कि टाइटलर और सज्जन पर वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगे के दौरान सिखों पर हमले के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप है।
कांग्रेस ने दोनों को दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से दो पर अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन सिखों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद पार्टी ने दोनों नेताओं की उम्मीदवारी वापस ले ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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