
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह और महाराष्ट्र में गोविंदा के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जसवंत सिंह 'नोट के बदले वोट' मामले में फंस गये हैं।
एक निजी टीवी चैनल द्वारा प्रसारित विडियो में जसवंत सिंह राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सभा में सौ-सौ के नोट बांटते नजर आये। चुनाव आयोग ने इस संबंध में चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट भी मांगी है।
अपने बेटे मानवेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र में भीड़ के बीच खड़े होकर लोगों को 100-100 के नोट बांटते देखे गये जसवंत सिंह से जब मीडिया ने चुनाव आयोग के डंडे के बारे में पूछा तो उनका जवाब था, कोई फर्क नहीं पड़ता।
हालांकि जसवंत सिंह के करीबियों का तर्क है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए ये सब किया। वहीं भाजपा का कहना है कि इस बात की जांच की जरूरत है कि क्या माता-पिता पर चुनाव आचार संहिता लागू होती है या नहीं। हालांकि भाजपा इस मामले पर खुलकर बोलने में असमर्थ दिखी।
एक निजी टीवी चैनल द्वारा प्रसारित विडियो में जसवंत सिंह राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सभा में सौ-सौ के नोट बांटते नजर आये। चुनाव आयोग ने इस संबंध में चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट भी मांगी है।
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कोई फर्क नहीं पड़ता: जसवंतअपने बेटे मानवेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र में भीड़ के बीच खड़े होकर लोगों को 100-100 के नोट बांटते देखे गये जसवंत सिंह से जब मीडिया ने चुनाव आयोग के डंडे के बारे में पूछा तो उनका जवाब था, कोई फर्क नहीं पड़ता।
हालांकि जसवंत सिंह के करीबियों का तर्क है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए ये सब किया। वहीं भाजपा का कहना है कि इस बात की जांच की जरूरत है कि क्या माता-पिता पर चुनाव आचार संहिता लागू होती है या नहीं। हालांकि भाजपा इस मामले पर खुलकर बोलने में असमर्थ दिखी।












