
बेंगलुरु: कनार्टक उच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी मंदिर, चर्च या मस्जिद सार्वजनिक स्थानों में नहीं स्थापित करने चाहिये। न्यायालय ने राज्य सरकार से इस संबंध में कहा है कि वो इस संबंध में दो सप्ताह के अंदर एक समान नियम बनाये।
उच्च न्यायालय ने यह निर्णय शुक्रवार को सुनाया। इसके अलावा कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है कि सार्वजनिक स्थलों पर धर्म के नाम पर अतिक्रमण कितना सही है।
लेकिन भगवन के नाम पर होने वाले अतिक्रमण को लोग आशीर्वाद समझते हैं। अगर नियमों की बात करें तो इसमें भी कानून लागू होता है। ऐसे लोग जो धर्म के नाम पर अतिक्रमण कर रहे हैं वो गलत हैं।
कोई भी चर्च, मंदिर या मस्जिद अादि किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं बनायी जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि इस मुद्दे को किसी की भावनाओं से जोड़ना भी गलत होगा।
&13;
उच्च न्यायालय ने यह निर्णय शुक्रवार को सुनाया। इसके अलावा कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है कि सार्वजनिक स्थलों पर धर्म के नाम पर अतिक्रमण कितना सही है।
Read: In English
ओकालीपुरम इलाके के लक्ष्मणा राओ पार्क पर धार्मिक स्थल बनाये जाने के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की एक बेंच ने कहा कि अगर एक गरीब व्यक्ति जमीन के छोटे से टुकड़े पर भी कब्जा कर लेता है तो उसे बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है।लेकिन भगवन के नाम पर होने वाले अतिक्रमण को लोग आशीर्वाद समझते हैं। अगर नियमों की बात करें तो इसमें भी कानून लागू होता है। ऐसे लोग जो धर्म के नाम पर अतिक्रमण कर रहे हैं वो गलत हैं।
कोई भी चर्च, मंदिर या मस्जिद अादि किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं बनायी जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि इस मुद्दे को किसी की भावनाओं से जोड़ना भी गलत होगा।
&13;












