
इंदौर, 29 दिसम्बर: मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के दौरान आतंकवादियों ने होटल ताज व ओबरॉय में सैलानियों को बंधक बनाकर कुछ कैदियों की रिहाई की शर्त रखी थी। इस शर्त को केंद्र सरकार ने नहीं माना और आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया।
यह खुलासा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने किया है। कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर में रविवार को इंदौर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि इस समय की भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार होती तो एक बार फिर कंधार कांड दोहराता। उस बार की तरह इस बार भी अपहरणकर्ताओं की शर्तो को मानते हुए आतंकवादियों को रिहा कर दिया जाता।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुंबई हमले में आतंकवादियो की शर्त न मानने वाली केंद्र सरकार की सराहना की जानी चाहिये।
ऐसी कोई शर्त नहीं: जयंत पाटिल
महाराष्ट्रा के गृहमंत्री जयंत पाटिल ने कांग्रेस महासचिव के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि मुंबई हमले में आतंकियों की तरफ से ऐसी कोई शर्त नहीं रखी गई थी।
पाटिल ने कहा कि जहां तक उन्हें मालूम है, आतंकियों ने बंधकों के बदले में कोई डिमांड नहीं रखी थी।
यह खुलासा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने किया है। कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर में रविवार को इंदौर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि इस समय की भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार होती तो एक बार फिर कंधार कांड दोहराता। उस बार की तरह इस बार भी अपहरणकर्ताओं की शर्तो को मानते हुए आतंकवादियों को रिहा कर दिया जाता।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुंबई हमले में आतंकवादियो की शर्त न मानने वाली केंद्र सरकार की सराहना की जानी चाहिये।
ऐसी कोई शर्त नहीं: जयंत पाटिल
महाराष्ट्रा के गृहमंत्री जयंत पाटिल ने कांग्रेस महासचिव के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि मुंबई हमले में आतंकियों की तरफ से ऐसी कोई शर्त नहीं रखी गई थी।
पाटिल ने कहा कि जहां तक उन्हें मालूम है, आतंकियों ने बंधकों के बदले में कोई डिमांड नहीं रखी थी।












