&13;उत्तर प्रदेश की अदालत ने एक इंजीनियर की हत्या के मामले में विधायक शेखर तिवारी समेत सभी अभियुक्तों को पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा.
&13;मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट समरपाल सिंह ने सभी अभियुक्तों को रविवार से पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. विधायक शेखर तिवारी के अलावा इस मामले में अन्य अभियुक्त हैं- पुत्ती राजपूत, मनोज अवस्थी और विनय तिवारी.
&13;आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के इंजीनियर मनोज गुप्त की पीट-पीट कर हत्या की गई. आरोप ये भी है कि विधायक शेखर तिवारी और उनके दो सहयोगियों ने चंदे उगाहने के लिए मनोज की पिटाई की.
&13;इनकार
&13;उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने इससे इनकार किया है कि इस हत्या का उनके जन्मदिन से कोई लेना-देना है. उन्होंने इस हत्या की सीबीआई जाँच कराने की मांग को भी ठुकरा दिया है.
&13;मारे गए इंजीनियर मनोज कुमार गुप्त की पत्नी शशि गुप्त ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक पार्टी कोष के लिए उनके पति से 10 लाख रुपए चंदा के रुप में मांग रहे थे.
&13;आरोप है कि राज्य की मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर उपहार देने के लिए ये कथित चंदा वसूली की जा रही थी. विधायक शेखर तिवारी और अन्य तीनों अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून भी लगा दिया गया है.
&13;पुलिस के अनुसार विधायक और अन्य तीनों अभियुक्तों पर पहले ही गैंगस्टर अधिनियम के तहत हत्या का मामला दर्ज किया जा चुका है. राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत अभियुक्त को अंतरिम ज़मानत नहीं मिल सकती है.
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