
न्यूयार्क, 5 दिसंबरः करीब सौ देशों के प्रतिनिधियों ने आज नार्वे के ओस्लो में एक समारोह में संयुक्त राष्ट्र के क्लस्टर बमों के प्रयोग को छोड़ने की ऐतिहासिक संधि पर हस्ताक्षर किए।
क्लस्टर बमों के प्रयोग से अक्सर निर्दोष नागरिकों की मौत होती है और शत्रुता समाप्त होने के बावजूद जीवन को ढर्रे पर लाने के लिए दशकों लगते हैं।
हस्ताक्षर समारोह में कल अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने सभी सरकारों से इस पर हस्ताक्षर करने एवं बिना देरी किए इसे लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन कई सरकारों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करता है। संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण मामलों के प्रतिनिधि सर्गेई डुआर्टे ने बान का संदेश पढ़ा इस पर ज्यादा जोर देने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा आज यहां बड़ी संख्या में विभिन्न देशों की सरकारों के प्रतिनिधि उपस्थित हैं जिनमें कुछ के पास महत्वपूर्ण रक्षा एवं शांति अभियान की जिम्मेदारी है।
उन्होंने माना है कि उनकी नीतियां पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के अनुकूल नहीं हैं और इससे विकास एवं पुनरुद्धार के कार्य बाधित हो सकते है।
पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध में प्रयोग किए गए क्लस्टर बम में दर्जनों छोटे विस्फोटक होते हैं और एक क्षेत्र में वे फुटबाल के मैदान के आकार में फैल जाते हैं।














