
नई दिल्ली, 5 दिसम्बर: मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी गुटों के हाथ होने की बात स्पष्ट होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आक्रामक रुख अपनाया है।
भाजपा ने भारत सरकार से मांग की है कि वो पाकिस्तान के साथ चल रही शांति प्रक्रियाओं तत्काल बंद कर दे। भाजपा ने कहा है कि यदि सभी शांति प्रक्रियाओं को तत्काल निलंबित कर दिया गया, तो वो इस मामले पर केंद्र सरकार का समर्थन करेगी।
भाजपा ने कहा है कि एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते वो मुंबई हमले के बाद की परिस्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार के हर कदम का समर्थन करेगी। लेकिन हां सरकार को कोई भी कदम उठाने से पहले सभी राजनीतिक दलों के बीच एक आमराय कायम करनी चाहिए।
मुंबई हमले के बाद आतंकवाद को लेकर देश में बने हालातों पर चर्चा के लिए भाजपा कोर ग्रुप की एक बैठक गुरुवार देर शाम हुई। बैठक के बाद पूर्व रक्षा मंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंत सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने एक प्रेसकांफ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान ने भारत के सभी आग्रहों को ठुकरा दिया है।
हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान में पनप रहे जेहादी आतंकवाद को रोकने के मद्देनजर भारत सरकार सभी आवश्यक और प्रभावी कदम उठाएगी।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने केंद्र सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं और कहा है कि अगर सरकार इन सुझावों पर अमल करती है तो भाजपा हर हाल में सरकार का समर्थन करेगी।
आतंकवाद निरोधी कानून शीघ्र बने
सुझावों के बारे में दोनों नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया को निलंबित करे। इसके साथ ही कहा गया कि राज्यों के आतंकवाद निरोधी कानूनों को खत्म कर उनकी जगह एक एकीकृत आतंकवाद निरोधी कानून शीघ्र बनाया जाए और उसे पूरे देश में लागू किया जाए।
भाजपा की मांग है कि कि संघीय आतंकवाद निरोधी कानून जल्द से जल्द बनाया जाए जिससे आतंकवादियों पर नकेल कसी जा सके। पार्टी ने आतंकवादियों से कड़ाई से निपटने के लिए संघीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसी के साथ ही संघीय जांच कानून बनाने का भी सुझाव दिया है।
पार्टी ने पाकिस्तान से कहा है कि वह आतंकवाद के संबंध में सभी अंतर्राष्ट्रीय सोचों व संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और दोनों देशों द्वारा जारी 6 जनवरी 2004 के संयुक्त बयान पर अमल करे।
कोर ग्रुप की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, अरुण जेटली, बाल आप्टे, रामलाल, विजय गोयल, रविशंकर प्रसाद, गोपीनाथ मुंडे, अरुण शौरी, अनंत कुमार प्रमुख रूप से मौजूद थे।

















