जम्मू, 1 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा प्रबंधन अपने हाथ में लिए जाने के विरोध में लगातार दो दिन से जारी हिसक झड़पों में मंगलवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत 40 लोग घायल हो गए।
पुलिसकर्मियों ने पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां और आंसू गैस छोड़े। जम्मू के अंफाला इलाके में क्रुद्ध प्र्दशनकारियों के पथराव में पुलिस अधीक्षक संजय कोटवाल समेत करीब छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मुथि-दोमाना इलाके में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई गोलीबारी और लाठी चार्ज में कम से कम 35 लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)और अन्य हिंदू संगठनों द्वारा जम्मू बंद का अह्वान किए जाने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षिक संस्थान मंगलावर को भी बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी बंद से प्रभावित हुई है। शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल भी सरकार के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिवसेना के नेता राजेश गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "सरकार राष्ट्र विरोधी तत्वों के सामने झुक गई है।" गुप्ता ने राज्यपाल की भी निंदा की।
राज्य के ऊधमपुर, रामबन, राजौरी और सांबा जिले में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और राज्यपाल एन. एन. वोहरा के पुतले जलाए। इसके अलावा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी महबूबा के भी पुतले फूंके गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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