लखनऊ, 9 जनवरीः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे तथा सपा सांसद अखिलेश यादव को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं यूपी के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी है. इटावा के सैफई में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शनकारियों के पर पुलिस फायरिंग में एक सपा कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि दो के जख्मी होने की खबर है. मऊ, मेरठ, वाराणसी समेत यूपी के अनेक शहरों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हैं.एक सिपाही के सपा नेता और मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव पर तमाचा जड़ने की घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. मुलायम सिंह के गृह क्षेत्र इटावा के सैफई में पुलिस ने प्रदर्शन पर कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर फायरिंग की. इस फायरिंग में एक सपा कार्यकर्ता की मौत होने की खबर है.
लखनऊ में कल देर रात एसपी आवास के बाहर सपा छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुलायम सिंह के भाई शिवपाल यादव को एक सिपाही ने एक थप्पड़ रसीद दिया. इससे गुस्साए सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच एसपी आवास के बाहर झडप हुई. उनकी गिरफ्तारी एसएसपी दफ्तर के बाहर उस वक्त हुई जब वे धरने पर बैठे थे. उनके साथ राज्य के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत करीब 100 कार्यकताओं को भी पुलिस ने बंदी बना लिया. यह घटना मंगलवार देर रात की है.
सूत्रों के मुताबिक ये लोग लाठीचार्ज में घायल हुए पाँच छात्रों के इलाज की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, विधान परिषद में विपक्ष के नेता अहमद हसन, विधान परिषद सदस्य विशाल वर्मा, पार्टी के कई विधायकों एवं छात्र नेताओं समेत सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी दफ्तर के बाहर डेरा डाल रखा था. धरने पर बैठे सपा नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए सपा सांसद एवं विधायकों को लखनऊ के बाहर किसी जेल में भेजने पर विचार किया जा रहा है.
यहां ध्यान दिला दें कि केकेसी डिग्री कॉलेज के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सपा छात्रसभा के पदाधिकारियों और उनके साथ पहुंचे स्टूडेंट्स ने छात्रसंघ के चुनाव बहाल कराने एवं बेरोजगार भत्ता पुन: शुरू करने की माँग को लेकर नारेबाजी की थी. इस दौरान तोड़फोड़ भी शुरू हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया जिसमें छह छात्र घायल हो गए.
बताया जाता है कि इनमें दो छात्रों की हालत गंभीर है. छात्रों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने की माँग को लेकर सपा सांसद ने मंगलवार को विधान भवन के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की थी.













