
अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वास्सेपु'र उनकी अब तक की फिल्मों से हटकर होगी। अभी तक अनुराग की फिल्में 'ब्लैक फ्राईडे', 'रिटर्न ऑफ हनुमान', 'देव डी', 'गुलाल' ये सभी फिल्में आर्ट फिल्मों की तरह थी पर 'गैंग्स ऑफ वास्सेपुर' फिल्म से अनुराग मेन स्ट्रीम की फिल्मों में कदम रख रहे हैं।
गैग्स ऑफ वास्सेपुर फिल्म की कहानी धनबाद के पास स्थित एक छोटे कस्बे वास्सेपुर पर आधारित है। ये कहानी है एक परिवार की जिसमें बदले की भावना तीन पीढ़ियों से चली आ रही है। इस कहानी में धनबाद के कोल माइनिंग कस्बे को दर्शाया गया है जहां का माफिया मुम्बई के अंडरवर्ल्ड से भी खतरनाक माना जाता है।
फिल्म की कहानी शुरु होती है शाहिद खान से जो ब्रिटिश ट्रेन लूटता है सुल्ताना डाकू के रुप में। शाहिद रामाधीर सिंह के माइनिंग में एक मजदूर बन जाता है ताकि अपनी पीढ़ियों से चले आ रहे झगड़े का बदला ले सके। कुछ सालों बाद अगली पीढ़ी में शाहिद का बेटा सरदार खान अपने पिता के सम्मान को वापस लाने की कोशिश में वास्सेपुर का सबसे खतरनाक आदमी बन जाता है। फिल्म में बिहार के 100 साल पूरे होने के लिए एक गाना भी डाला गया है 'जिया हो बिहार के लाला'।
फिल्म कुल 5:30 घण्टे की है जो कि दो भागों में बांटी गई है दोनों भाग एक बार ही रिलीज होंगे। बीच में कुछ समय का अन्तराल होगा। फिल्म का फिल्मांकन रामायण और महाभारत के स्केल पर किया गया है।
फिल्म के मुख्य किरदारों में नवाजुद्दीन सिद्दीकी , मनोज बाजपेई, जमील खान, रीमा सेन, सेयद जशीन कुरैदी, जयदीप अलावट और आदित्य कुमार शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने और फिल्म का निर्माण अनुराग कश्यप और सुनील बोहरा ने किया है। फिल्म का संगीत स्नेहा खनवालकर और जीवी प्रकाश कुमार ने दिया है।


















