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दिल छू लेने वाली फिल्म 'बाम्बें टॉकिज'

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आज हिंदी सिनेमा के सौ साल पूरे होने पर बनीं फिल्म बाम्बें टॉकिज को रिलीज हुए एक हफ्ते का समय हो गया है। बावजूद इसके क्लासिक सिनेमा को पसंद करने वाले लोगों को यह फिल्म अच्छी लगती है। हाल ही में इस फिल्म के बारे में वनइंडिया ने कुछ लोगों से बातचीत की जिन्होंने फिल्म बाम्बें टॉकिज के नये संस्करण को काफी पसंद किया।

दिल्ली के आईटी कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर विशाल शर्मा ने कहा कि फिल्म की चारों कहानियां नायाब है जो कि हिंदी सिनेमा की एक नयी और सच्ची तस्वीर लोगों के सामने पेश करती है।

तो वहीं दिल्ली के मीडिया कर्मी राहुल मेहरा ने कहा है कि दिबाकर बैनर्जी की कहानी उन्हें बेस्ट लगी। हालांकि स्टोरी तो चारों डायरेक्टरों की काफी अच्छी है लेकिन दिबाकर बैनर्जी की स्टोरी दिल को छू लेती है। जोया अख्तर की फिल्म की कहानी के संवाद काफी अच्छे हैं तो करण जौहर का फिल्मी ड्रामा दिल पर दस्तक देता है।रही बात अनुराग कश्यप की, तो वह बेहतरीन हैं, सादी सब्जी को मसालेदार ढंग से बनाना कोई उनसे सीखे। ही डन ए गुड जॉब।

मालूम हो कि बीते शुक्रवार को बॉम्बे टॉकीज पर्दे पर पहुंची हैं। हालांकि इसके साथ रिलीज हुई शूटआउट एट वडाला की कमाई के आगे यह नंबर दो ही साबित हुई। बावजूद इसके यह सार्थक सिनेमा का प्रतिनिधित्व करती है। जो कि समीक्षकों और वर्गीय दर्शकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।

 
English summary
Bombay Talkies is fantastic said Audience. They said that All the four stories moves out of conventions and shows the beginning of a new era of cinema.
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