बहन बेटियों के साथ न देखें आई, मी और मैं

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बहन बेटियों के साथ न देखें आई, मी और मैं

मुंबई। अगर आप इस हफ्ते की सबसे चर्चित फिल्‍म आई मी और मैं देखने जा रहे हैं, तो बेहतर होगा अगर अपनी बहन या बेटी के साथ न जायें, क्‍योंकि फिल्‍म में कुछ सीन ऐसे हैं, जिनमें आप उनके साथ देखने में असहज महसूस कर सकते हैं। वैसे तो यह एक कॉमेडी फिल्‍म है और मनोरंजन से भरपूर है, लेकिन जब जॉन का किरदार एक चरित्रहीन व्‍यक्ति के रूप में आता है, तब फिल्‍म में कुछ ऐसा होगा, जिसे आप अकेले ही देखना पसंद करेंगे।

यह फिल्‍म ऐसे व्‍यक्ति के बारे में है, जिसकी दुनिया में खुद के अलावा कोई और नहीं। जैसा कि आप नाम से ही समझ गये होंगे आई, मी और मैं। तीनों शब्‍दों का एक ही मतलब है। खुद में खोए रहने वाले एक गैर जिम्मेदार लड़के के साथ कर भी क्या सकते हैं, जो सिर्फ अपने फौलादी सीने और फिल्मी मनोरंजन के लिए आदर्श भावमुद्रा पर ध्यान देता हो, जो अपनी मां, बहन व गर्लफ्रेंड के बल पर सफलता पाता हो तथा दोस्ती के लिए सबकुछ न्योछावर कर देता हो। ऐसे ही लड़के की रोमांटिक कॉमेडी कहानी है यह फिल्‍म।

फिल्म में जॉन अब्राहम ने उस व्‍यक्ति का किरदार निभया है। 'आई मी और मैं' एक ऐसे कॉर्पोरेट वातावरण की कहानी है जहां महिलाओं को पुरुषों की ही तरह सफल होने की इजाजत है, भले ही वह सफलता किसी भी कीमत पर आए। इसीलिए अनुष्का (चित्रांगदा) द्वारा ईशान (जॉन अब्राहम) को उसके कमरे में ही नहीं, बल्कि जीवन में भी अकेला छोड़ देने पर किसी को आश्चर्य नहीं होता। अनुष्‍का और ईशान की जिंदगी में कुछ ऐसा होता है कि वो घर छोड़कर एक अलग फ्लैट में रहने लगता है, जिसके बगल में ही गौरी (प्राची देसाई) का घर है। फिर क्‍या था अब वो उससे फ्लर्ट शुरू कर देता है। इसी बीच ईशान की स्टाइलिश बॉस बीना (राइमा सेन) की एंट्री होती है, जो पूरे बिजनेस पर कब्‍जा कर लेती है।

जॉन को बददिमाग और चरित्रहीन किरदार में देखने में मजा तो आयेगा, लेकिन आप अपनी बेटी या बहन के साथ नहीं देखना चाहेंगे। जॉन ने भी बिना किसी झिझक के किरदार को निभाया है।

English summary
There are many scenes in John Abraham's movie I me aur Main which could be uncomfortable for you if you watch movie with sisters and daughters.
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