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पिता के प्रचार अभियान में प्रतीक

बॉलीवुड के उभरते हुए अभिनेता प्रतीक बब्बर ने पिता राज बब्बर के चुनाव प्रचार अभियान में शामिल होकर उन दोनों के बीच दरार की अफवाह को धता बता दिया है। वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में सात नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए अपने पिता और कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर का प्रचार करने के लिए इस सप्ताह वहां पहुंचे थे।

जब प्रतीक उत्तर प्रदेश में थे तब उनकी मौसी मान्या पाटिल ने प्रतीक के सार्वजनिक रूप में अपने पिता के साथ खड़े होने की पुष्टि की। प्रख्यात अभिनेत्री स्मिता पाटिल प्रतीक की मां थीं।

मान्या का कहना है कि प्रतीक के इस प्रचार में शामिल होने का मकसद किसी के सामने कुछ सिद्ध करना नहीं था और न ही पिता-पुत्र के बीच की दरार की अफवाहों को असत्य सिद्ध करना था। उन्होंने कहा, "प्रतीक लोगों की सोच के प्रति लापरवाह नहीं हो सकता।"

उन्होंने कहा, "वह इस सप्ताह फिरोजाबाद जिले में अपने पिता के प्रचार अभियान में शामिल हुआ। जब उसने यह बात मुझे बताई तो मैं भी अन्य लोगों की तरह अचंभित हुई थी। उसने कहा था, 'मैं अपने पिता के लिए ऐसा करना चाहता हूं। इस समय उन्हें मेरी जरूरत है और इसलिए मुझे ऐसा करना पड़ा है।' हम उसे उसके दिल की बात मानने से कभी नहीं रोकते।"
नवंबर 5, 2009 की अन्य खबरें
 
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संजय लीला भंसाली के साथ फ़िल्म की तमन्ना

दक्षिण भारतीय फ़िल्म उद्योग से हिंदी फ़िल्मों में हाल ही में क़दम रखने वाली अभिनेत्री तृषा कृष्णन की तमन्ना है कि उन्हे संजय लीला भंसाली के निर्देशन में काम करने का मौक़ा मिले. तृषा ने प्रियदर्शन निर्देशित फ़िल्म खट्टा-मीठा से हिन्दी फ़िल्मों अपनी पारी की शुरूआत की है. प्रियदर्शन ही वो निर्देशक जिन्होने तृषा की पहली तमिल फ़िल्म निर्देशित की थी और उन्ही के निर्देशन में पहली हिंदी फ़िल्म करने पर भी वो काफ़ी ख़ुश हैं. बीबीसी से एक विशेष बातचीत में.....
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