बालीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने तय किया है कि वे इस बार किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नही करेंगे। यहां तक कि उनके भाई समान अमर सिंह की पार्टी समाजवादी पार्टी से भी दूरी बरतेंगे। वैसे अमिताभ की पत्नी इसी पार्टी से राज्य सभा की सदस्य चुनी गई हैं।
मीडिया की खबरों में आ रहा था कि इस बार के सामान्य चुनाव में अमिताभ बढचढकर हिस्सा लेने वाले है। लेकिन उन्होंने इस बात से पूरी तरह इंकार करते हुए कहा कि वे किसी भी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नही करेंगे। चाहें उनके भाई समान अमर सिंह की पार्टी ही क्यों न हो।
मीडिया से बात करते हुए अमिताभ ने कहा वे राजनीतिज्ञ नही है इसलिए चुनाव में प्रचार का सवाल ही नही उठता है। वैसे भी अमर सिंह से उनकी नजदीकियों की वजह से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरें उन पर फब्तियां कसते रहे है।
बिग बी के राजनीतिक करियर की बात की जाए तो उन्होंने 1984 में इलाहाबाद से लोक सभा का चुनाव जीता था। उस समय राजीव गांधी के साथ उनके अच्छे संबंध थे। लेकिन तीन वर्ष के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी थी। क्योंकि उस समय चर्चित हुए बोफोर्स मामले में अमिताभ और उनके भाई का नाम सामने आया था।
&13;हो सकता है इसीलिए अमिताभ ने अब तक राजनीति से दूरी बरती है और अब आगे भी बरतते रहेंगे।
मीडिया की खबरों में आ रहा था कि इस बार के सामान्य चुनाव में अमिताभ बढचढकर हिस्सा लेने वाले है। लेकिन उन्होंने इस बात से पूरी तरह इंकार करते हुए कहा कि वे किसी भी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नही करेंगे। चाहें उनके भाई समान अमर सिंह की पार्टी ही क्यों न हो।
मीडिया से बात करते हुए अमिताभ ने कहा वे राजनीतिज्ञ नही है इसलिए चुनाव में प्रचार का सवाल ही नही उठता है। वैसे भी अमर सिंह से उनकी नजदीकियों की वजह से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरें उन पर फब्तियां कसते रहे है।
बिग बी के राजनीतिक करियर की बात की जाए तो उन्होंने 1984 में इलाहाबाद से लोक सभा का चुनाव जीता था। उस समय राजीव गांधी के साथ उनके अच्छे संबंध थे। लेकिन तीन वर्ष के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी थी। क्योंकि उस समय चर्चित हुए बोफोर्स मामले में अमिताभ और उनके भाई का नाम सामने आया था।
&13;हो सकता है इसीलिए अमिताभ ने अब तक राजनीति से दूरी बरती है और अब आगे भी बरतते रहेंगे।












