चाहता हूं मेरे बच्चें एक साधारण बचपन जियें- अक्षय कुमार

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(सोनिका मिश्रा) अक्षय कुमार बॉलीवुड में बतौर एक्शन किंग तो मशहूर हुए ही हैं साथ ही कॉमेडी में भी उनका कोई जवाब नहीं। लेकिन अक्षय सिर्फ इन्हीं दो जोनर की फिल्मों में ही खुद को नहीं लिमिट करना चाहते। वो चाहते हैं कि अलग अलग तरह की फिल्में करें ताकि लोगों को कभी भी वो रिपीट किरदारों में ना नज़र आएं। जल्द ही अक्षय स्लीपिंग सेल्स पर आधारित फिल्म हॉलीडे में नज़र आएंगे। आइये देखते हैं कि ये स्लीपिंग सेल्स होता क्या है और हॉलीडे में क्या है खास जो अक्षय ने इसे करने के लिए हां कही।

पेश हैं अक्षय कुमार से हॉलीडे फिल्म के साक्षात्कार के दौरान हुई बातचीत के कुछ अंश-

हॉलीडे के साथ एक और साउथ रीमेक फिल्म का आप हिस्सा होने जा रहे हैं। क्या आजकल सभी एक्टरों के साथ आपकी भी पहली पसंद साउथ रीमेक फिल्में हो गयी है?

हॉलीडे फिल्म जब मैंने साइन की थी तब फिल्म का रीमेक नहीं बना था। पहले हम फिल्म बनाने वाले थे लेकिन मुग्धागोडसे जी ने कहा कि पहले वो साउथ की फिल्में बनाना चाहते हैं। इसलिए पहले रीमेक बनी और उसके बाद हमने इसे बनाया। तो ऐसा नहीं है कि साउथ रीमेक ही हमारी पहली पसंद है और इसे हमने इसलिए चुना क्योंकि ये साउथ में बनकर हिट हो चुकी है।

हॉलीडे के बारे में कुछ बताइये। किस तरह की फिल्म है और क्या खास बात है फिल्म की?

एआर मुरुगादोस अपनी अलग हटकर सोच को लेकर काफी मशहूर हैं। ये हमेशा ही कुछ नयी सोच और विजन के साथ फिल्में बनाते हैं। जैसे इन्होंने गजनी बनाई थी और इसके अलावा भी कई सारी तमिल फिल्में बनाई हैं। हिंदी में हमने इसका नाम ह़ॉलीडे इसलिये रखा क्योंकि फिल्म की कहानी आधारित है कुछ आर्मी ऑफीसर्स पर जो कि बॉर्डर पर काफी समय बिताकर वापस अपने घरों अपने शहरों में आते हैं और उनका सामना होता है स्लीपर सेल्स से, जिनके बारे में शायद कोई भी ज्यादा नहीं जानता। मैंने भी फिल्म के सेट पर ही इस बारे में ज्यादा जानकारी पाई। ये सबसे पुराने आतंकवादियों को समूह में गिने जाते हैं। ये लोग शहरों में रहते हैं और अचानक ही कभी कभी कोई बम ब्लास्ट तो कभी कोई आतंकवादी मूवमेंट कर जाते हैं। ये हममें से ही कोई होता है, हमारे बीच में ये इतने घुल मिल जाते हैं कि किसी को अंदाजा ही नहीं होता कि ये आतंकवादी हैं। कुल मिलाकर फिल्म बहुत ही बेहतरीन और रोमांचक है।

हॉलीडे फिल्म के लिए हां करने के पीछे क्या वजह थी?

मैने जब विपुल से फिल्म का पहला भाग सुना तो उसे सुनते ही मैंने फिल्म करने के लिए हां कर दी। फिल्म का पहला भाग ही इतना रोमांचक था कि आगे की कहानी जानने की मैंने सोची भी नहीं। इसके बाद मैंने मुग्धागोडसे से इस बारे में जितना सुना जितना समझा मैं उतना ही ज्यादा फिल्म में इंटरेस्टेड हो गया। वैसे भी मेरे लिए फिल्म की कहानी सबसे ज्यादा मायने रखती है।

क्या ये सच है कि आपने हॉलीडे के लिए अपना 12 किलो वजन घटाया?

आपको देखकर क्या लगता है (हंसते हुए)। आपने मुझे पहले भी देखा है आज फिर देख रही हैं आपको क्या लगता है कि कितना वजन मैंने घटाया है।

आपके लिए बॉक्स ऑफिस, फिल्म की कहानी, दर्शकों की पसंद क्या सबसे ज्यादा मायने रखता है?

मेरे लिए फिल्म की कहानी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। हां कहीं ना कहीं बॉक्स ऑफिस भी काफी मायने रखता है लेकिन मुझे लगता है कि लोग आज फिल्म के कंटेट उसकी कहानी पर ज्यादा ध्यान देते हैं। अच्छी कहानी ही आज हिट फिल्म में तब्दील होती है। जैसा कि मैंने बॉस फिल्म के दौरान भी मीडिया से कहा था कि हीरो के नाम पर फिल्मों का बिकना पुरानी बात हो गयी है। आज के दर्शक काफी बदल चुके हैं। उनकी सोच काफी बदल चुकी है। आज लोग अच्छी कहानी और अच्छी फिल्में देखना चाहते है। मैंने इसीलिये हॉलीड की, क्योंकि ये मेरे टाइप की मजेदार फिल्म नहीं है लेकिन मैंने फिल्म के कंटेट की वजह से ये फिल्म की। ये एक सीरियस थ्रिलर है।

हॉलीडे के एक्शन सीक्वेंस के बारे में काफी खबरें आ रही हैं। कुछ बताइये इस बारे में।

हॉलीडे में काफी रियल तरह का एक्शन है। बॉस फिल्म की तरह का ओवर एक्शन नहीं है। मैंने कोई केबिल का प्रयोग नहीं किया है। सबकुछ खुद से किया है। आपको देखते समय महसूस होगा कि सबकुछ एकदम रियल है।

आजकल आप सिर्फ कॉमेडी या फिर एक्शन करते नहीं दिखते। अब आप हॉलीडे भी करते हैं तो फगली भी बनाते हैं, साथ ही गब्बर और एंटरटेनमेंट जैसी फिल्में भी कर रहे हैं। इसके पीछे क्या वजह है?

मैं कोशिश करता हूं कि हमेशा कुछ नया करु। आजकल का मीडिया और दर्शक भी काफी बदल गये हैं। सभी कुछ नया देखना चाहते हैं अगर आपने एक बार कुछ रिपीट किया तो लोग तुरंत ही पहचान जाते हैं। आप मुझे कभी भी एक जैसी फिल्में करते नहीं देखेंगे।

आजकल सेक्स कॉमेडी काफी हिट हो रही है। क्या आप भी कभी इस तरह की फिल्में बनाना या इनमें काम करना चाहेंगे्?

मुझे लगता है कि सेक्स कॉमेडी का जोनर काफी अच्छा है। मैंने सालों पहले गरम मसाला फिल्म की थी और वो सेक्स कॉमेडी भी थी। अगर मुझे भी अच्छी फिल्में मिलेंगी तो मैं करुंगा। ग्रैंड मस्ती काफी हिट हुई। लोगों ने काफी पसंद किया। अगर ऐसी फिल्में मिलेंगी तो जरुर करुंगा।

सोनाक्षी के साथ अपने अब तक के अनुभव के बारे में क्या कहेंगे आप?

मैंने कई सारी हिरोइनों के साथ काम किया है और हिरोइनों के काफी नखरे भी देखे हैं। घंटों तक अपनी वैन में बैठे रहना, तैयार होने में घंटों लगाना। लेकिन सोनाक्षी उन कलाकारों में से हैं जो कि जल्दी से और टाइम से सेट पर आ जाती हैं। जो अपने काम पर ज्यादा ध्यान देती हैं और काफी मेहनत करती हैं।

किसी कहानी या फिल्म की क्या बात आपको फिल्म का निर्माण करने के लिए प्रेरित करती है?

जैसा कि मैने कहा कि अगर मुझे कोई कहानी या विषय पसंद आ गया तो मैं उससे जुड़ने की कोशिश करता हूं। मुझे फगली का विषय पसंद आया तो मैंने उसे प्रोड्यूस करने की सोची। अब मैं सारी फिल्मों का हिस्सा तो नहीं हो सकता लेकिन बतौर निर्माता कुछ अच्छी फिल्मों का हिस्सा हो सकता हूं। बस यही सोचकर मैं फिल्मों का निर्माण करता हूं। लेकिन अपनी पसंद से।

आपने कहा कि हॉलीवुड फिल्म काफी रोमांचक है और फिल्म में काफी रियल घटनाओं को भी डाला गया है। तो क्या आपको लगता है कि ये फिल्म हॉलीवुड की फिल्मों की टक्कर की होगी?

हॉलीवुड से कितनी टक्कर ले पाएगी ये तो नहीं कह सकता लेकिन एक बताना चाहूंगा कि फिल्म के निर्देशक मुग्धागोडसे ने खुद ये फिल्म लिखी है और उन्होंने फिल्म में कई सारे रियल इंसीडेंट डाले हैं। वो पुलिस स्टेशन जाते थे, वो जब आपको देखते हैं तो वो ये सोच रहे होते हैं कि अगर आपको स्टैंगल करना हो तो वो कैसे करेंगे। वो पुलिस स्टेशन जाते हैं, अलग अलग तरह के केसेस पढ़ते हैं, उन्हें स्टडी करते हैं। तब जाकर इस तरह के सीन्स लिखते हैं।

आजकल काफी अलग विषय और कहानियों पर आधारित फिल्में बन रही हैं, जैसे बर्फी, सिटिलाइट्ज आदि, तो क्या आपको लगता है कि सिनेमा में बदलाव आ रहा है?

पूरा क्रेडिट हमारे दर्शकों को जाता हैं क्योंकि उन्होंने अब निर्माताओं निर्देशकों को इस तरह की अलग फिल्में बनाने का मौका दिया है। वो जाते हैं इस तरह की फिल्में देखने उन्हें सराहते हैं। फिल्में हिट भी होती हैं। एक दिन आएगा जब ये पूरा बिजनेस ही बदल जाएगा।

आप मार्शल आर्ट से काफी जुड़े हुए हैं, इसे एक जरुरी विषय बनाने को लेकर सरकार से भी बात कर रहे हैं। तो क्या भविष्य में मार्शल आर्ट से जुडी़ कोई अकेडमी शुरु करेंगे?

मेरा खुद का एक टूर्नामेंट होता है जिसमें मैं देश विदेश से ब्लैक बेल्ट बच्चों को बुलाता हूं और उन्हें जापान भेजता हूं। मैं चाहता हूं कि सरकार मार्शल आर्ट को स्कूलों में एक जरुरी विषय के रुप में लाए। चाहे वो लडकी हो या लड़का उन्हें कम से कम तीन साल तक ये सीखना चाहिए। उनकी बाकी की ड्रिग्रियों से ज्यादा बेहतर व महत्वपूर्ण है। जल्द ही सरकार इस मांग को पूरा करेगी। जीवन में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है।

आप बॉलीवुड की कई एक्शन फिल्मों का हिस्सा रहे हैं एक्शन हीरो कहलाते हैं। तो क्या आपको नहीं लगता कि फिल्मों में दिखाए जाने वाली हिंसा से समाज में बुरा असर पड़ता है?

आपका कहने का मतलब है कि समाज में हिंसा होती है तो हम फिल्मों में दिखाना बंद कर दूं। अगर इस हिसाब से देखा जाए तो हम इमोशनल, वायलेंस वाली फिल्में बनाना बंद कर दें। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। जो समाज में है वो है हम उसे दिखा रहे हैं। अगर सेक्स कॉमेडी है तो ये एक फिल्म है। ये मत सोचिये कि दर्शक क्या सोचेंगे। खुद पर यकीन होना चाहिए। कुछ भी गलत या गंदा नहीं है। जो लोग नहीं आएंगे उनकी ना सोचकर जो आएंगे उनकी सोचिये।

कहते हैं कि हर सफल इंसान के पीछे एक औरत का हाथ होता है। तो ट्विंकल के साथ बैठकर आप अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट डिसकस करते हैं?

इस कहावत का ये मतलब नहीं कि वो बैठकर आपकी स्क्रिप्ट पढ़ें। वो कभी भी मेरी स्क्रिप्ट नहीं पढ़तीं, उनकी खुद की जिंदगी है और वो कभी भी स्क्रिप्ट पढ़ने में इंटरेस्टेड नहीं रहीं।

अपने बच्चों को बड़ा होते देखना कितनी खुशी देता है आपको?

शादी से पहले मैंने कभी ये महसूस नहीं किया। लेकिन अब मुझे लगता है कि ये दुनिया का सबसे बड़ी खुशी है। बच्चों के मुंह से डैड सुनना सबसे बड़ी खुशी है। आज जब मैं सेट पर होता हूं और पैक अप सुनता हूं तो काफी खुशी होती है कि अब मैं अपने परिवार के पास जाउंगा।

आजकल मल्टीस्टारर फिल्में काफी बनती है। क्या आप भी इन फिल्मों का हिस्सा बनना चाहते हैं?

अगर मुझे कोई मल्टीस्टारर फिल्म मिली तो मैं जरुर करुंगा। हमने फगली फिल्म के लिए सलमान खान को अप्रोच किया एक गाने के लिए, सलमान खान ने बहुत खुशी से ये ऑफर माना। हम सभी एक्टर हैं ऐक ही इंडस्ट्री में रहते हैं तो हमें मिल जुलकर काम करना चाहिए।

चुनाव अभी खत्म हुए हैं और काफी बदलाव आए हैं। क्या कहना चाहेंगे आप इस बारे में। और राजनीती से कितना जुड़े रहते हैं आप?

बदलाव तो अब आना है। मैं राजनीती से उतना ही जुड़ता हूं जितना मेरी सेहत पर असर नहीं पड़ता। मैं रात भर टीवी पर बैठकर नहीं देख सकता कि कौन जीत रहा है।

अवॉर्ड फंक्शन्स के बारे में आपका क्या कहना है?

मुझे अवॉर्ड फंक्शन्स से कोई प्रॉब्लॉम नहीं है। अवॉर्ड अगर मिल जाए तो बहुत अच्छा लगता है, घर में रखा हुआ अवॉर्ड बहुत अच्छा लगता है। अगर मिल जाएं तो अच्छा है अगर ना मिला तो फॉड है।

आजकल कबड्डी लीग, क्रिकेट में सितारों की भागेदारी काफी बढ़ चुकी है। आने वाले समय में आप ऐसी किसी टीम से जुड़ना चाहेंगे?

मैं वही करता हूं जो कि मैं करना चाहता हूं, जिसमें मुझे खुशी मिलती है। मैं मार्शल आर्ट में काफी इंटरेस्ट रखता हूं और इसमें पैसे भी लगाता हूं। मैं आज जो कुछ भी हूं वो मार्शल आर्ट की वजह से हूं। बाकी किसी में इतना इंटरेस्ट नहीं है।

English summary
Akshay Kumar will soon be seen in Holiday that is based on Sleeping Sells. Akshay also says there is problem is doing sex comedies like Grand Masti. He said he is trying to keep his children away from limilight cos he wants them to have a normal childhood.
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