अमिताभ बच्चन की वजह से पॉपुलर नहीं हुआ केबीसी

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[सोनिका मिश्रा] अमिताभ बच्चन के हिट शो केबीसी का सांतवा सीजन जल्द ही टीवी पर प्रसारित होने वाला है। इस बार कौन बनेगा करोड़पति शो में काफी कुछ बदलाव किये गये हैं। यहां तक कि शो का सेट तक पूरा बदल दिया गया है। इसके अलावा इस साल केबीसी की प्राइज मनी होगी पूरे 7 करोड़ रुपये है। साथ ही इस साल लाइफलाइन चार से बढ़ाकर पांच कर दी गयी हैं।लोगों में उत्सुकता और बढ़ाने के लिए हॉट सीट पर जाने वाले फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट के लिए प्रश्न एक से बढ़ाकर तीन कर दिये गये हैं।

करोड़ों लोग इस शो के दीवाने हैं, लेकिन सातवें पड़ाव पर पहुंच चुका केबीसी अमिताभ बच्‍चन की वजह से पॉपुलर नहीं हुआ है। यह हम नहीं बल्कि खुद अमिताभ बच्‍चन कह रहे हैं। वनइंडिया को दिये गये इंटरव्यू के दौरान बिग बी ने इस शो में आए बदलाव को लेकर काफी कुछ शेयर किया साथ ही अपने कुछ पर्सनल एक्सपीरियंस को लेकर भी काफी कुछ बताया।

केबीसी 1 से लेकर केबीसी 7 तक का सफर जो आपने तय किया है तो इस दौरान क्या क्या बदलाव आपने देखे हैं इस शो में। कितना अलग होने वाला है केबीसी 7 पहले के सीजनों से?

केबीसी का एक आकार है जिसे हम कभी भी बदल नहीं सकते हैं। हम लोगों से सवाल पूछेंगे और उन्हें सही जवाब देने पर उन्हें प्राइज मनी मिलेगी। तो इस आकार को तो हम नहीं बदल सकते लेकिन हर साल हर सीजन में हम कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस साल हमने पूरा सेट अप ही बदल दिया है जो कि काफी नया और भव्य दिख रहा है। हमें ऐसा लगता है कि इससे लोगो में चाह भी पैदा होगी और साथ ही केबीसी 7 में लोगों को काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। हमें उम्मीद है कि सोनी टीवी द्वारा और हमारे द्वारा जो भी बदलाव किये जा रहे हैं वो लोगों को पंसद आएं।

केबीसी 7 में कई बड़े बदलाव किये गये हैं। फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट में तीन प्रश्न कर दिये गये हैं ऐसा क्यों हुआ।

पिछले लगातार 6 सीजन से देखा जा रहा कि कई लोग ऐसे थे जो कि काफी होनहार और हुनर वाले थे लेकिन चूंकि वो उंगली तेज नहीं चला पाते थे इसलिए वो हॉट सीट तक नहीं पहुंच पाते थे। इस साल हमने सोचा कि इस बार हम लोग फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट में तीन प्रश्न पूछेंगे और सबसे कम समय में तीनों प्रश्नों का उत्तर देने वाले को हॉट सीट पर बुलाया जाएगा। इसके साथ ही थोड़ा लोगो में एक्साइटमेंट भी बढ़ता है। इसबार हमने लाइफलाइन पूरी पांच कर दी हैं जिनमें से यूज आप सिर्फ चार ही कर पाएंगे और पांचवी लाइफलाइन संजीवनी बूटी की तरह होगी जो कि चारों यूज की गयी लाइफलाइन में से किसी एक को दोबारा जीवित कर देगी। हमने फोन अ फ्रैंड के लिए पहले 30 सेकेंड रखे थे लेकिन इस सीजन में पूरे 45 सेकेंड कर दिये हैं।

कौन बनेगा करोड़पति शो को अमिताभ बच्चन की वजह से ही इतनी पॉपुलैरिटी मिली है इस बारे में आप क्या कहेंगे?

मुझे लगता है कि कौन बनेगा करोड़पति की पॉपुलैरिटी मेरी वजह से नहीं है बल्कि इस शो की वजह से मेरी भी पॉपुलैरिटी है। मैं इस शो की सफलता का कुछ भी श्रेय खुद को नहीं देता। क्योंकि शो खुद में ही इतना खास है कि वो लोगों के बीच इतना पॉपुलर है। इसके अलावा केबीसी लोगों को निमंत्रित करता है कि वो इस शो का हिस्सा बनें और अपनी किस्मत भी आजमाएं।

आपको ये नहीं लगता कि लोगो के अंदर शो को जीतने से ज्यादा आपसे मिलने की उत्सुकता रहती है?

अब ये तो अच्छा है कि लोग मुझसे मिल लेते हैं और साथ ही उन्हें फायदा भी मिल जाता है कुछ ना कुछ रकम जीतकर जाने का। कौन बनेगा करोड़पति शो कि जिसने डिजाइन किया था वो इसान एक मनोवैज्ञानिक और एक वैज्ञानिक था। उसने शो कि कुछ इसी तरह से डिजाइन किया कि लोगों में शो को लेकर उत्सुकता बनी रहती है। मैं तो सिर्फ एक सेतु हूं इस शो के जरिये लोगों तक पहुंचने का।

अमिताभ बच्चन के इंटरव्यू के कुछ अंश

कौन बनेगा करोड़पति की पॉपुलैरिटी काफी बढ़ती जा रही है। बतौर होस्ट आपका योगदान इसमें सबसे ज्यादा है?

जब हमने कौन बनेगा करोड़पति शुरु किया था तब ये सिर्फ हिंदी भाषा में ही था लेकिन अब ये की और भाषाओं में भी बन गया है जेसे बंगाली, मलयालम, कन्नड़, तमिल और अब तेलुगू भी। एंकर को तो सिर्फ सवाल पढ़ने हैं असली मजा तो शो में ही है।

हॉट सीट पर बैठने का मन करता है आपका?

मैं तो अक्सर ऐसा करता हूं। लेकिन अफसोस की बात है कि जब भी मैंने हॉट सीट पर बैठकर शो को खेलने की कोशिश की है तब सिर्फ दो सवालों का ही जवाब दे पाया हूं। उससे ज्यादा मैं टिक नहीं पाता।

आपको लगता है कि पढ़ाई इंसान के काम को काफी हद तक प्रभावित करती है?

ये हर एक्टर और हर एक इंसान पर निर्भर करता है और साथ ही उसके काम पर भी निर्भर करता है। अगर आप एक्टिंग की बात करें तो मुझे अगर ऐसा किरदार निभाना है जिसके लिए मुझे बहुत रिसर्ज करनी है या फिर जिसके लिए काफी पढ़ना है तो हो सकता है तो मुझे पूरी तैयारी और रिसर्च के साथ वो किरदार निभाना चाहिए। तो ये तो किरदार की मांग हो गयी। मुझे लगता है कि आजकल के समय में अधिकतर स्क्रिप्टस रोमन हिंदी में लिखी जाती हैं जो कि मुझे सही नहीं लगती हैं।

आपको लगता है कि पढ़ाई इंसान के काम को काफी हद तक प्रभावित करती है?

मैं तो रोमन हिंदी को पढ़ भी नहीं पाता हूं। मुझे अगर खुद को एक्सप्रेस करना है तो मैं शायद देवनागरी लिपि में ना कर पाउं। और अगर मुझे कुछ सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे ट्विटर पर लिखना है तो हिंदी में लिखने के लिेए मुझे अलग से गूगल ट्रांसलेटर पर जाना होगा और वहां हिंदी में लिखकर उसे सेव करके फिर ट्विटर पर आकर पोस्ट करना होगा और इसमें मेरे कम से कम 30 सेकेंड तो चले ही जाएंगे। और आज के जमाने में 30 सेकेंड भी बहुत कीमती हैं। लेकिन अगर आप शिक्षित हैं और आपको भाषा का ग्यान है तो आप इसे बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं।

इस बार केबीसी का टैगलाइन है सीखना बंद तो जीतना बंद तो आपने अपने जीवन में आज तक क्या क्या सीखा है। कोई ऐसी सीख जो आप शेयर करना चाहेंगे।

जिंदगी खुद में ही एक स्कूल है और यहां हम हर रोज प्रतिपल कुछ ना कुछ सीखते ही रहते हैं। जहां तक व्यक्तिगत मामला है तो उसे आप व्यक्तिगत ही रहने दें। लेकिन प्रोफेशनल तौर पर मैं हर रोज कुछ ना कुछ सीखता हूं। खासतौर पर नयी पीढ़ी से नयी उम्र के एक्टरों से जो कि हर रोज मुझे हैरान कर देतें हैं अपने काम से।

आज आपके सामने एक्टरों की एक नयी जेनरेशन खड़ी हो गयी है। क्या फर्क नज़र आता है आपको इनमें और अपने शुरुआती दौर में?

नये एक्टरों में से हमने कईयों को ऐसी एक्टिगं करते देखा है जिन्हें देखकर आश्चर्य होता है कि ये लोग पहली ही फिल्म में कितनी बेहतरीन एक्टिगं कर लेते हैं। और हम आज तक सीख रहे हैं। वो लोग काफी तैयारियां करके आते हैं और काफी कुछ सीखकर भी आते हैं। उन्हें देखकर मुझे लगता है कि वाकई हम बिना किसी कोर्स किसी तैयारी के इस फील्ड में आ गये थे लेकिन आज के एक्टरों में काफी समझ है और मैच्योरिटी है।

English summary
Amitabh bachchan says he do not take any credits for the popularity of KBC show. Amitabh says in KBC 7 they have made some big changes like this time the prize money is 7 crore rupees and participants get 5 lifelines.
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