
एकता कपूर अपने पापा की सबसे प्यारी बेटी हैं। उन्होंने वह कर दिखाया, जो कोई बेटा भी नहीं कर पाता। यही वजह है कि जीतेंद्र अपनी बेटी के बारे में सबसे यही कहते हैं कि वह मेरा बेटा है। हाल ही में एकता कपूर ने अपने नये शो की शुरुआत की है। शो का नाम है बड़े अच्छे लगते हैं। इस शो के कई एपिसोड खुद जीतेंद्र साहब ने देखे हैं और वह कहते हैं कि वह चाहते हैं कि एकता कपूर अब शादी कर ले।
हर पिता की तरह उनका बस यही सपना है कि अब एकता शादी कर लें। जीतेंद्र कहते हैं कि उनकी बेटी ने अपनी बदौलत सबकुछ हासिल किया है। उन्होंने कभी उनके नाम का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन अब वह चाहते हैं कि एकता शादी कर लें। जीतेंद्र यह भी कहते हैं कि कभी भी वह एकता पर कोई दबाव बना कर नहीं रखना चाहते। लेकिन चाहते हैं कि उनकी जिंदगी में कोई ऐसा इंसान आये जो उन्हें बहुत प्यार करे।
और उनकी दौलत देख कर उनके साथ न आये। मैं चाहता हूं कि एकता का घर भी बस जाये। यह सच है कि जिंदगी में काम और कामयाबी के बावजूद आपको किसी न किसी के साथ की जरूरत है। जीतेंद्र ने कहा कि वे अपने आप को बहुत भाग्यशाली समझते हैं कि उन्हें बेटी के रूप में बेटा मिला। वे बताते हैं कि शुरुआती दौर से ही कम उम्र में उसने मेरा पूरा बिजनेस संभाल लिया था। और छोटी उम्र से ही वह जिम्मेदारियों को संभालने लगी थी। जीतेंद्र हम भी आपकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। अब एकता को शादी कर ही लेनी चाहिए। वैसे यह तो पापाजी की मर्जी है। इस पर एकता की मुहर कब लगती है। यह तो सिर्फ और सिर्फ एकता की बता सकती हैं।
हर पिता की तरह उनका बस यही सपना है कि अब एकता शादी कर लें। जीतेंद्र कहते हैं कि उनकी बेटी ने अपनी बदौलत सबकुछ हासिल किया है। उन्होंने कभी उनके नाम का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन अब वह चाहते हैं कि एकता शादी कर लें। जीतेंद्र यह भी कहते हैं कि कभी भी वह एकता पर कोई दबाव बना कर नहीं रखना चाहते। लेकिन चाहते हैं कि उनकी जिंदगी में कोई ऐसा इंसान आये जो उन्हें बहुत प्यार करे।
और उनकी दौलत देख कर उनके साथ न आये। मैं चाहता हूं कि एकता का घर भी बस जाये। यह सच है कि जिंदगी में काम और कामयाबी के बावजूद आपको किसी न किसी के साथ की जरूरत है। जीतेंद्र ने कहा कि वे अपने आप को बहुत भाग्यशाली समझते हैं कि उन्हें बेटी के रूप में बेटा मिला। वे बताते हैं कि शुरुआती दौर से ही कम उम्र में उसने मेरा पूरा बिजनेस संभाल लिया था। और छोटी उम्र से ही वह जिम्मेदारियों को संभालने लगी थी। जीतेंद्र हम भी आपकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। अब एकता को शादी कर ही लेनी चाहिए। वैसे यह तो पापाजी की मर्जी है। इस पर एकता की मुहर कब लगती है। यह तो सिर्फ और सिर्फ एकता की बता सकती हैं।














