बर्लिन, 9 फरवरी(आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के हालात को केंद्र में रखकर बनाए गए एक विवादास्पद वृत्तचित्र को बर्लिन फिल्म महोत्सव में दिखाए जाने से भारत सरकार खफा है। अमेरिकी-इजरायली निर्देशक उदी आलोनी ने इसे तैयार किया है।
भारत सरकार ने 'कश्मीर: जर्नी टू फ्रीडम' नामक इस डाक्युमेंटरी फिल्म को बर्लिन फिल्म महोत्सव में दिखाए जाने पर नाराजगी जताई है और आलोनी को भारत लौटने की इजाजत देने से इंकार कर दिया है। इस फिल्म को महोत्सव के पैनोरमा खंड के तहत दिखाया गया।
समाचार एजेंसी डीपीए से आलोनी ने कहा, "मैं भारत लौटना चाहता हूं, पर वहां की सरकार मुझे इसकी इजाजत नहीं दे रही। मुझे अपने भारतीय दोस्तों की याद आ रही है और भारत में रहना मुझे पसंद है। मैंेने यह फिल्म बनाकर भारत की सेवा ही की है।"
उनका मानना है कि कश्मीर के युवक हथियार छोड़कर अहिंसात्मक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। वह इसे बड़ा बदलाव मानते हैं। उन्होंने कहा, "मेरी इस फिल्म में कश्मीरियों के अहिंसक आंदोलन पर फोकस किया गया है। मेरी फिल्म हिंसा का समर्थन नहीं करती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
भारत सरकार ने 'कश्मीर: जर्नी टू फ्रीडम' नामक इस डाक्युमेंटरी फिल्म को बर्लिन फिल्म महोत्सव में दिखाए जाने पर नाराजगी जताई है और आलोनी को भारत लौटने की इजाजत देने से इंकार कर दिया है। इस फिल्म को महोत्सव के पैनोरमा खंड के तहत दिखाया गया।
समाचार एजेंसी डीपीए से आलोनी ने कहा, "मैं भारत लौटना चाहता हूं, पर वहां की सरकार मुझे इसकी इजाजत नहीं दे रही। मुझे अपने भारतीय दोस्तों की याद आ रही है और भारत में रहना मुझे पसंद है। मैंेने यह फिल्म बनाकर भारत की सेवा ही की है।"
उनका मानना है कि कश्मीर के युवक हथियार छोड़कर अहिंसात्मक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। वह इसे बड़ा बदलाव मानते हैं। उन्होंने कहा, "मेरी इस फिल्म में कश्मीरियों के अहिंसक आंदोलन पर फोकस किया गया है। मेरी फिल्म हिंसा का समर्थन नहीं करती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












