क्‍या आपके घर की सीढ़ियां वास्‍तु के अनुरूप हैं?

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क्‍या आपके घर की सीढ़ियां वास्‍तु के अनुरूप हैं?

वास्‍तु की दृष्टि से भूखण्ड में सीढ़ियों को किस दिशा में एंव उनकी संख्या क्या होनी चाहिए? यह महत्वपूर्ण विषय है। सीढ़ियों का क्रम नीचे से उपर की ओर होता है, इसलिए मकान में सीढ़ियां ऊर्जा की गति का सूचक होती हैं।

वास्तु के अनुसार सीढ़ियों का निर्माण इस प्रकार किया जाना चाहिए-

  • सीढ़ियों का द्वार पूर्व या दक्षिण दिशा में होना लाभप्रद होता है।
  • सीढ़ियां मकान में दक्षिण या पश्चिम दिशा के दायीं ओर रखना चाहिए।
  • यदि सीढ़ियां घुमावदार बनानी हैं तो, उनका सदैव पूर्व से दक्षिण, दक्षिण से पश्चिम, पश्चिम से उत्तर और उत्तर से पूर्व की ओर रखना लाभप्रद रहता है। इसका मतलब है कि चढ़ते समय सीढ़ियां हमेशा दायीं ओर मुड़नी चाहिए।
  • सीढ़ियों की संख्या हमेशा विषम होना चाहिए। सीढ़ियों की संख्या इस प्रकार होनी चाहिए कि उसे 3 से भाग दें तो 2 शेष रहे। जैसे- 5, 11, 17, 23, 29, 32, 36 आदि।
  • सीढ़ियों की नीचे और उपर द्वार रखना चाहिए। नीचे वाले दरवाजे से उपर वाला दरवाजा 12 भाग कम होना चाहिए।
  • यदि किसी मकान में सीढ़ियां पूर्व या उत्तर दिशा में बनी हों तो, उसके वास्तुदोष को कम करने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक कक्ष बनवाना देना चाहिए।
  • सीढ़ियों के नीचे किसी भी प्रकार का कबाड़, जूता-चप्पल आदि रखना परिवार के मुखिया के लिए अशुभकारी होता है।

English summary
Here are the Vastu Tips for stairs in house. You can follow these tips to bring happiness to your home.
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